Green Corridor in Indore: इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। भोपाल का 25 वर्षीय युवक मृत्यु के बाद भी इंदौर के 61 वर्षीय व्यक्ति को नया जीवन दे गया। उसकी ब्रेनडेथ के बाद उसके पिता ने उसके अंगदान का निर्णय लिया था। सोमवार को ग्रीन कारिडोर बनाकर युवक का लिवर भोपाल से इंदौर लाया गया। यहां चोइथराम अस्पताल में करीब छह घंटे चले आपरेशन में इसे नान अल्कोहलिक फैटी लिवर बीमारी से पीड़ित 61 वर्षीय व्यक्ति में प्रत्यारोपित कर दिया गया। इंदौर में यह 45वां मौका था जब इस तरह से ग्रीन कारिडोर बनाया गया।

इंदौर के व्यक्ति को जीवन देने वाले 25 वर्षीय युवक का नाम अनमोल जैन है। उपचार के दौरान 27 नवंबर को युवक को ब्रेनडेथ घोषित किया गया था। इसके बाद उसका लिवर इंदौर के चोइथराम अस्पताल, ह्रदय अहमदाबाद के एक अस्पताल में भर्ती मरीज को आवंटित किया गया। चोइथराम अस्पताल के डा.अमित भट्ट ने बताया कि सोमवार सुबह पौने दस बजे युवक का लिवर भोपाल से इंदौर के लिए रवाना किया गया जो दोपहर सवा 12 बजे इंदौर पहुंचा। दोपहर 12.30 बजे अस्पताल में भर्ती मरीज का लिवर ट्रांसप्लांट आपरेशन शुरू हुआ जो शाम करीब छह बजे तक चला। लीवर ट्रांसप्लांट में डा. अजय जैन, डा. सुदेश शारदा, डा. नितिन शर्मा, दिल्ली से आए डा.विवेक विज ने भूमिका निभाई। डा.भट्ट ने बताया कि लिवर प्रत्यारोपण के बाद मरीज की स्थिति नियंत्रित है। डाक्टरों की टीम उसकी हालत पर नजर बनाए हुए है।

एमवाय अस्पताल में तुरंत शुरू की जाएं जांच, मरीज हो रहे परेशान

इंदौर। मेडिकल टीचर एसोसिएशन ने एमवाय अस्पताल में मरीजों को सामान्य जांचें जैसे सीटी स्कैन, एमआरआइ, सीरम एलेक्ट्रोलाइट, हेपेटाइटिस ए, एचआइवी आदि उपलब्ध कराने के लिए चिकित्सा शिक्षा मंत्री और प्रमुख सचिव के नाम डीन को ज्ञापन सौंपा। एसोसिएशन के अध्यक्ष डा. अरविंद घनघोरिया ने बताया कि आयुष्मान और गैर आयुष्मान मरीजों की जांचें अनुपलब्ध होने से मरीजों के इलाज करने में दिक्कत आ रही है। मरीज भी परेशान हो रहे हैं। मेडिकल टीचर एसोसिएशन ने पूर्व में भी कालेज प्रबंधन को इससे अवगत कराया था लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। एसोसिएशन ने जांच की व्यवस्था सुधारने की मांग की है।

Posted By: Hemraj Yadav

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