इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि, Health Indore News। बाणगंगा मानसिक अस्पताल को सेंटर आफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जाएगा। मंगलवार को प्रदेश मंत्री परिषद ने इस प्रस्ताव की मंजूरी दे दी। मप्र में इस तरह का कोई अस्पताल नहीं है और देश के कुछ गिने-चुने शहरों में ही इस तरह के सेंटर हैं। जानकारों का कहना है कि प्रोजेक्ट के तहत अस्पताल को सुपर स्पेशिएलिटी मानसिक अस्पताल की तरह बनाया जाएगा। इंदौर के लिए यह बड़ी सौगात है।

अस्पताल को सेंटर आफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने के लिए नई दरों पर कैबिनेट ने 33.1 करोड़ रुपये की स्वीकृति दे दी है। अस्पताल में पहले से स्वीकृत 25 पदों के अलावा 13 नए पद करने की भी मंजूरी दी गई है। अस्पताल केे अधीक्षक और मनोरोग विभाग के अध्यक्ष डा. वीएस पाल ने बताया कि नए सेंटर में अस्पताल की नई बिल्डिंग बनेगी, जहां 60 मरीजों के हिसाब से बिस्तर लगेंगे। सेंटर में नशे से छुटकारा पाने के लिए, बच्चों और बुजुर्गों में मनोरोग संबंधी समस्याएं दूर करने के लिए अलग-अलग सेंटर स्थापित किए जाएंगे। वहां मानसिक समस्याओं का निराकरण किया जाएगा। फिलहाल अस्पताल में छह पीजी सीट हैं, जो बढ़कर 10 हो जाएंगी।

सेंटर में क्लीनिकल साइकोलाजी विभाग खुलेगा, जहां से छात्र-छात्राएं एमफील इन क्लिनिकल साइकोलाजी और एमफील इन साइक्रेटिक सोश्यल वर्क जैसे कोर्स कराए जाएंगे। एमएससी इन साइक्रेट्री कोर्स भी शुरू होगा। नए अस्पताल भवन के साथ 50-50 छात्र-छात्राओं की क्षमता वाले दो होस्टल बनाए जाएंगे। नए कोर्स दो से तीन साल के होंगे और होस्टल में विद्यार्थियों के रहने की व्यवस्था की जाएगी।डा. पाल ने बताया कि मैंगलोर के अलावा एक-दो और शहरों में ही ऐसे सेंटर हैं और इंदौर में सेंटर आफ एक्सीलेंस स्थापित होने से इसकी गिनती राष्ट्रीय स्तर पर होगी।

Posted By: gajendra.nagar

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