इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि, Health Indore News। शहर के एक 55 वर्षीय बुर्जग के नकली दांतों में लगा स्क्रू श्वास नली में जाकर अटक गया, इसके कारण उन्हें खांसी होने लगी। बुजुर्ग को तीन जुलाई को यह परेशानी हुई तो वे तत्काल शहर के निजी अस्पताल में पहुंचे।

अस्पताल के चेस्ट फिजिशियन डा. सूरज वर्मा के मुताबिक जैसे ही वो हमारे पास आए। हमने एक्सरे कर देखने पर पाया कि स्क्रू दाएं फेफड़ों की श्वास नली में फंसा था। सिटी स्कैन कर पर स्क्रू की सही स्थिति का आंकलन किया गया। इसके बाद उसे फ्लेक्सिबल ब्रोकोस्कोप के माध्यम से बुजुर्ग को हल्का एनेस्थीसिया देकर सफलतापूर्वक स्क्रू को निकाला गया। इस प्रक्रिया के डेढ़ घंटे के अंदर ही मरीज को घर भी भेज दिया गया।

डा वर्मा के मुताबिक सामान्यत: इस तरह के केस में मरीज को भर्ती करने के बाद रिजिड ब्रोकोस्कोप से निकाला जाता है। ऐसे में मरीज को अस्पताल में भर्ती रहना पड़ता है। मरीज की श्वास नली में स्क्रू जाने के चार घंटे के दौरान ही निकाल किया गया। इस वजह से उनकी श्वास नलीं में संक्रमण भी नहीं हुआ। यदि यह स्क्रू श्वास नली में ज्यादा समय रहता तो जम जाता और उससे संक्रमण बढ़ने पर निमोनिया होने का खतरा रहता।

Posted By: gajendra.nagar

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