Health Tips : इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। गर्मी के दिनों में प्याज का सेवन बहुताय से किया जाता है। प्याज केवल स्वाद के लिए नहीं बल्कि सेहत के लिए भी खाया जाता है। प्याज में कई रोगों का निदान तो है लेकिन कुछ रोग विशेष में प्याज का सेवन नुकसान भी पहुंचाता है। आहार एवं पोषण विशेषज्ञ डा. आरती मेहरा के अनुसार लाल और सफेद दोनों ही तरह के प्याज के अपने गुण और लाभ हैं। यदि आप कच्चा प्याज खाने के शौकीन हैं तो जान लें कि कौन से रंग का प्याज खाने से आप बीमारियों से दूर रह सकते हैं और कौन सा प्याज आपके लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।

डा. मेहरा ने कहा कि प्याज का सेवन मधुमेह को रोकता है। रोग प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर बनाता है। चेहरे के लिए बेहतर होता है। त्वचा के लिए स्वास्थ्य वर्धक होता है, खांसी का उपचार भी प्याज से होता है। कैंसर होने की आशंका कम हो जाती है। इसके अलावा हड्डी के लिए भी प्याज का सेवन बेहतर होता है। प्याज का सेवन कितना करना चाहिए इस बात पर भी ध्यान देने की जरूरत है। हालांकि इसकी कोई निर्धारित सीमा नहीं है, लेकिन जरूरत से ज्यादा किसी भी पदार्थ का सेवन नुकसान पहुंचाता है। प्याज के साथ भी ऐसा ही है। आप दिनभर में सब्जी में एक से दो प्याज डालकर खा सकते हैं। यदि सलाद के रूप में प्याज खा रहे हैं तो दिन में एक प्याज सुबह और एक छोटा प्याज शाम को खा सकते हैं।

लाल और सफेद रंग के प्याज के हैं ये फायदे - डा. आरती मेहरा ने बताया कि सफेद प्याज में मौजूद मिथिल सल्फाइड और अमिनो एसिड से कोलेस्ट्राल की मात्रा संतुलित रहती है। सफेद प्याज रक्तचाप के नियंत्रित रखने में भी कारगर भूमिका निभाता है। बात अगर लाल प्याज की करें तो यह रक्त को पतला करने में सहायक होता है। इस प्याज में पाया जाने वाले सल्फर और इसमें मौजूद अन्य तत्व रक्त में मौजूद शर्करा को नियंत्रित करने के साथ खून को पतला करने में भी मददगार होते हैं। इतना ही नहीं ये गुण आपके शरीर में कैंसर को बढ़ने से भी बचाता है।

वजन कम करने के लिए यह करें - डा. मेहरा ने कहा कि जब बात वजन कम करने की हो तो लाल और सफेद प्याज दोनों ही में कैलोरी की मात्रा काफी कम होती है। 100 ग्राम कच्चे लाल प्याज में 37 कैलोरी होती है, जबकि सफेद प्याज में 42 कैलोरी होती है। इसलिए अगर आप वजन कम करने पर ध्यान दे रहें है तो सलाद में प्याज का समावेश कर सकते हैं। शरीर में कैल्शियम की कमी है तो लाल प्याज का सेवन बेहद फायदेमंद है क्योंकि यह कैल्शियम का एक समृद्ध स्रोत है जबकि सफेद प्याज में कैल्शियम की कमी होती है। इसलिए अगर आप पहले से ही कैल्शियम की कमी से जूझ रहे हैं तो सफेद प्याज को भूलकर भी हाथ न लगाएं। यदि शरीर में लोहतत्व की कमी है तो लाल प्याज का सेवन करना चाहिए क्योंकि इसमें प्रचुर मात्रा में आयरन पाया जाता है जबकि सफेद प्याज और उसके छिलके में आयरन की कमी होती है। इसलिए आयरन की कमी वाले लोगों को प्याज के रंग का विशेष ख्याल रखना चाहिए।

Posted By: Hemraj Yadav

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