Health Tips : इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। बेहतर स्वास्थ्य के लिए दांत का मजबूत होना भी बहुत आवश्यक है क्योंकि दांत के जरिए ही भोजन बारीक चबा पाते हैं और बारीक हुए भोजन के पाचन में परेशानी नहीं आती, जिससे पाचनतंत्र भी बेहतर रहता है। अक्सर लोग दांतों का ध्यान तब रखते हैं जब उनमें समस्या होना शुरू हो जाती है, जबकि दांत आने की शुरुआत से ही उनका ध्यान रखना जरूरी है।

दंत रोग विशेषज्ञ डा. नीतू शाह के अनुसार लोग शरीर के अन्य अंगों पर तो बहुत ध्यान देते हैं लेकिन दांतों की सुंदरता और स्वास्थ्य के बारे में तब ही सोचते हैं जब परेशानी बहुत बढ़ जाती है। दांत संबंधी परेशानी से बचने के लिए सबसे जरूरी है सुबह और रात को सोने से ठीक पहले ब्रश करना। इसके अलावा जब भी कुछ खाएं दांतों को अच्छे से साफ करें। कुछ खाने के बाद यदि ब्रश नहीं कर सकते तो अच्छे से कुल्ला कर लें। यदि दांतों में कुछ फंसा है तो उसे निकाल लें। दांत में फंसे पदार्थ को निकालने में पिन, सुई आदि धातु का इस्तेमाल नहीं करें।

अच्छे ब्रश का करें चयन - बच्चों में भी दातों से संबंधित परेशानी बढ़ रही है। बच्चों में नियमित ब्रश करने की आदत विकसित करें। जब से दांत आना शुरू हों तब से ब्रश किया जाना चाहिए। ब्रश का चयन भी बहुत मायने रखता है। ब्रश मुलायम होना चाहिए और उसे दांतों पर अधिक दबाव डालकर नहीं घिसना चाहिए। जितना आवश्यक सुबह ब्रश करना है उससे कहीं ज्यादा जरूरी रात में सोने से पहले ब्रश करना है।

ढाई से तीन साल की उम्र के बच्चों को पहला दंत परीक्षण कराना चाहिए। टूथ ब्रश की तरह टूथ पेस्ट का चयन भी सावधानी से करें। पेस्ट ऐसा न हो जिसमें सख्त कण हों। सख्त कण दांतों को क्षति पहुंचा सकते हैं। मीठा खाने के बाद कुल्ला करना बेहद जरूरी है। यदि आप कुछ खाने के बाद कुल्ला या ब्रश करने में असहज हैं तो उस वक्त च्विंगम चबाएं और बाद में उसे थूक दें। इसका लाभ यह होगा कि दांतों मे यदि कुछ भोजन चिपका रह गया है तो वह च्विंगम में लगकर बाहर निकल जाएगा।

Posted By: Hemraj Yadav

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