Hello NaiDunia:इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। स्टार्टअप करने के लिए हर कोई सोचता है लेकिन ज्यादातर इसके लिए जरूरी तैयारी किए बिना ही इसमें प्रवेश कर जाते हैं। खासकर पैसों की व्यवस्था कैसे होगी, इसके बारे में सोचे बिना स्टार्टअप में युवा आ जाते हैं। बिना फंड के स्टार्टअप को आगे बढ़ाना मुश्किल होता है। निवेशक उन स्टार्टअप को ही फंडिंग करते हैं जिनमें नवाचार होता है और भविष्य में अच्छा लाभ कमाने की उम्मीद रहती है। यह भी देखा जाता है कि स्टार्टअप बाद में बड़ा व्यवसाय बने और आइपीओ में पंजीकृत हो। स्टार्टअप करने वाले खुद से कितनी रिस्क ले रहे हैं और उन्होंने कितना पैसा लगाया है यह भी निवेशकों को आकर्षित करने के लिए महत्वपूर्ण होता है। हालांकि इन सब बातों से अब सभी जागरूक होने लगे हैं। यहीं कारण है कि कुछ वर्ष में शहर के 150 से ज्यादा स्टार्टअप को फंडिंग मिली है। पिछले छह महीने में शहर के स्टार्टअप को एक हजार करोड़ रुपये से ज्यादा फंडिंग मिल चुकी है।

इस तरह की तमाम जानकारी मंगलवार को हेलो नईदुनिया में इन्वेस्ट इंदौर के सचिव और स्टार्टअप विशेषज्ञ सावन लढ्ढा ने शहरवासियों की ओर से फोन पर पूछे गए सवालों के जवाब में दी। उन्होंने बताया कि अगर ध्यानपूर्वक स्टार्टअप को आगे बढ़ाया जाए तो फंड मिलने में भी परेशानी नहीं आती और कम समय में सफलता भी मिल जाती है।

स्टार्टअप की शुरुआत करना चाहते हैं। इसके लिए सबसे पहले क्या करना होगा। - मोहित यादव, इंदौर

- सबसे पहले यह देखिए कि किस क्षेत्र में काम करना चाहते हैं। उत्पाद या सेवा तय कीजिए। सीए से मिलकर स्टार्टअप की आर्थिक योजना बनाए। फर्म या कंपनी पंजीयन कराए। टीम तैयार करें और दफ्तर तलाश करें। स्टार्टअप इंडिया में पंजीयन कराने के बाद निवेशक तलाशे।

हमने हाल ही में स्टार्टअप शुरू किया है, लेकिन इसे बढ़ाने के लिए पैसों की कमी आ रही है। इसकी व्यवस्था कैसे कर सकते हैं।- शुभम मिश्रा

- आपका स्टार्टअप अगर स्टार्टअप इंडिया में पंजीकृत है तो आप अटल इंक्यूबेशन सेंटर में सबसे पहले फंडिंग के लिए आवेदन करें। यहां से आपको अपने उत्पाद को बाजार में लाने तक का पैसा मिल जाता है तो फिर ऐंजल निवेशकों से पैसा ले सकते हैं। इसके बाद आपके उत्पाद को अगर अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है तो वेंचर केपिटल निवेशकों से बात कर दो से तीन करोड़ रुपये तक का फंड ले सकते हैं।

शोध करने के बाद एक मेडिटेशन उपकरण तैयार किया है। अब इसे बाजार में लाना चाहते हैं। यह कैसे होगा।- रुचिका जायसवाल

- आपका उपकरण अगर कारगर है तो कुछ संख्या में इसे तैयार कराए। इसे ट्रायल के तौर पर जनता के बीच उपयोग करें। इसे बड़े स्तर पर तैयार करने के लिए कंपनियों से बात कर ले। इसे अगर लोग पसंद करते हैं तो निवेशकों की बैठक में शामिल होते रहे। इसमें बेहतर प्रजेंटेशन के साथ उत्पाद के फायदे बताएं। निवेशक अगर विश्वास जताते हैं तो किसी ऐसी कंपनी की तलाश कीजिए जो इसे बड़े स्तर पर उपकरण तैयार करके दे सकती हो।

आमतौर पर निवेशक फंडिंग देने के पहले किस तरह के सवाल करते हैं। - मुकेेश जादव, इंदौर

- आमतौर पर निवेशक आपसे पूछते हैं कि आपके आइडिया से किस समस्या का समाधान निकल रहा है। ग्राहक और राजस्व के- इरादे से यह आइडिया कितना बड़ा है। आपका समाधान अनूठा कैसे है। बाजार में यह आइडिया कैसे जगह बनाएगा। इससे मुनाफा कैसे अर्जित होगा और यह प्रभाव कैसे छोड़ेगा जैसे सवाल पूछे जाते हैं।

निवेशक स्टार्टअप को फंड देने के पहले क्या देखते हैं। कई बार फंड मिलने के बाद क्या गलतियां हो जाती है।- रोहन मेहता, इंदौर

- स्टार्टअप संचालकों को किसी भी निर्णय को लेकर जल्दबाजी नहीं करना चाहिए। उद्यमी को अपने वेंचर के हर पहलू पर ध्यान देना चाहिए। निवेशक आपके व्यवसाय के साथ बड़ी तस्वीर देखते हैं, क्योंकि वे आपके वेंचर में निवेश करने जा रहे हैं। जब आपको निवेश का कोई प्रस्ताव मिलता है तो आप पहले इसके बारे में सोचने के लिए अपना समय निकालें। आप इससे जुड़ी सभी नियम और शर्तों को समझकर ही आगे बड़े। निवेशकों की शर्तों को सहीं से अध्ययन करे बिना जल्दबाजी में निर्णय लेने से बचे।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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