DAVV Indore: इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। यूजीसी ने शैक्षणिक संस्थानों को नैक निरीक्षण करवाना अनिवार्य है और अब संस्थान इसे लेकर गंभीर हो चुके है। अगले तीन महीने में होलकर साइंस कालेज और एसजीएसआइटीएस नैक में आवेदन कर सकेंगे। इसके लिए सेल्फ स्टडी रिपोर्ट यानी एसएसआर पर काम शुरू हो चुका है, जिसे पूरा होने में महज महीनेभर और लगेंगा। संभवत: अप्रैल बाद पीयर टीम कालेजों का दौरा कर सकती है।

मार्च 2024 तक इंदौर संभाग में आने वाले आठ कालेजों में नैक निरीक्षण किया जाएगा, जिसमें गवर्नमेंट आर्ट्स एंड कामर्स कालेज, निर्भय सिंह पटेल न्यू साइंस कालेज, खरगोन गर्ल्स कालेज, संस्कृत कालेज, झाबुआ पीजी कालेज, भेरुलाल पाटीदार कालेज है। जनवरी-फरवरी 2023 तक होलकर साइंस कालेज और एसजीएसआइटीएस कालेज अपनी रिपोर्ट नैक को भेजेंगे। संबद्धता प्राप्त कालेजों के लिए 350, विश्वविद्यालय के लिए 250 और आटोनाम्स कालेजों के लिए 300 अंक टीचिंग लर्निंग पर रखे है।

प्लेसमेंट पर भी कालेजों अंक मिलेंगे। यहां तक रिजल्ट का प्रतिशत भी संस्थानों के लिए काफी मायने रखेगा। रिपोर्ट भेजने के 90 दिन के बाद कालेजों में पीयर टीम निरीक्षण करने पहुंचेगी। अधिकारियों के मुताबिक पीयर टीम का दौरान अप्रैल-मई के बाद शुरू होगा। वे बताते है कि 70 प्रतिशत अंक एसएसआर पर संस्थानों को दिए जाएंगे। जबकि 30 प्रतिशत अंक पीयर टीम देंगी। उसके आधार पर कालेजों को नैक ग्रेड दी जाएगी। वैसे देवी अहिल्या विश्वविद्यालय की आइक्यूएससी सेल भी कालेजों से चर्चा कर रिपोर्ट बनाने में मदद कर रही है।

रिपोर्ट के लिए करेंगे मार्गदर्शन

कालेज को एसएसआर बनाने के लिए उच्च शिक्षा विभाग मदद कर रहा है। विभाग ने अपने स्तर पर परामर्श समिति बनाई है, जिसमें सदस्यों को कालेजों का मार्गदर्शन करने की जिम्मेदारी सौंपी है। टीचिंग लर्निंग, इनोवेशन सहित 130 बिंदुओं पर कालेजों को रिपोर्ट बनाना है।

Posted By: Sameer Deshpande

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