Honey Trap in Madhya Pradesh: इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। प्रदेशभर में चर्चित रहे हनी ट्रैप मामले में गुरुवार को जिला न्यायालय में इस बात पर बहस हुई कि आरोपितों को मामले से जुड़े पैन ड्राइव, सीडी और अन्य इलेेक्ट्रानिक दस्तावेज मिलेंगे या नहीं। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने आदेश सुरक्षित रख लिया। कोर्ट अब इस मामले में एक अगस्त को आदेश सुनाएगी। गुरुवार को आरोपितों की तरफ से बैंक खाते में लेनदेन की अनुमति देने और जब्त कार सुपुर्दनामें पर सौपने के संबंध में भी आवेदन प्रस्तुत हुआ। कोर्ट इस पर भी एक अगस्त को सुनवाई करेगी। गुरुवार को एक आरोपित को छोड़कर बाकी सभी कोर्ट के समक्ष उपस्थित हुए।

गौरतलब है कि 17 सितंबर 2019 को इंदौर नगर निगम के सिटी इंजीनियर हरभजन सिंह ने पुलिस थाना पलासिया पर शिकायत की थी कि कुछ महिलाओं ने उनका अश्लील वीडियो बना लिया है और इस वीडियो के नाम पर उन्हें ब्लैकमेल किया जा रहा है। ये महिलाएं फिरौती के रूप में तीन करोड़ रुपये मांग रही थीं। पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्रकरण दर्ज कर ब्लैकमेलिंग करने वाली पांच महिलाओं और दो पुरुषों को गिरफ्तार कर लिया था।

बाद में यह प्रकरण एसआइटी को सौंप दिया गया। प्रकरण की सुनवाई जिला न्यायालय में चल रही है। आरोपितों की तरफ से एडवोकेट धर्मेंद्र गुर्जर, एडवोकेट यावर खान पैरवी कर रहे हैं। जबकि अभियोजन की तरफ से विशेष लोक अभियोजक अभिजीत राठौर पैरवी कर रहे हैं। प्रकरण में आरोपितों ने विशेष न्यायाधीश मनोज तिवारी के न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत हुआ था। इसमें मांग की गई है कि जब्त पैन ड्राइव और अन्य दस्तावेज उन्हें उपलब्ध कराए जाएं ताकि वे अपना बचाव तैयार कर सकें। गुरुवार को इसी पर बहस हुई। एजीपी राठौर ने बताया कि गुरुवार को आरोपित आरती

दयाल, श्वेता विजय जैन और श्वेता स्वप्निल जैन की तरफ से अलग-अलग आवेदन प्रस्तुत हुए। इनमें बैंक खातों से लेनदेन की अनुमति चाही गई है। आवेदनों में कहा है कि खाते सीज होने की वजह आरोपितों के सामने जीवन यापन का संकट खड़ा हो गया है। एक आवेदन में जब्त कार सुपुर्दनामें पर सौपने की गुहार लगाई गई है। कोर्ट इन आवेदनों पर भी एक अगस्त को सुनवाई करेगी।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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