Honey Trap Indore: इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। इंदौर के एमआइजी के चर्चित हनीट्रैप केस में पुलिस ने एक महिला और उसकी बेटी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपितों ने अनाज कारोबारी को ब्लैकमेल कर 50 लाख रुपये ऐंठे थे। इस मामले में पुलिस वाले भी शामिल थे। मामले में तीन लोगों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था, लेकिन मां-बेटी फरार थीं। दोनों को क्राइम ब्रांच की मदद से पकड़ लिया गया।

अनूप नगर निवासी अनाज कारोबारी रवि अग्रवाल की शिकायत पर एमआइजी थाना पुलिस ने प्रिया चौहान और उसके भाई साहिल उर्फ बच्चा को गिरफ्तार किया था। बाद में दलाल संजय चौहान भी गिरफ्तार हुआ। मामले में प्रिया की रिश्तेदार महिला और उसकी बेटी का नाम सामने आया। पुलिस ने छापा मारा लेकिन दोनों फरार हो गई।बुधवार रात क्राइम ब्रांच को खबर मिली और टीम ने हीरानगर क्षेत्र से दोनों को पकड़ लिया। एमआइजी पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है।

ऐसे बुना ब्लैकमेलिंग का तानाबाना

कारोबारी रवि के परिचित दलाल ने प्रिया चौहान से परिचय करवाया। मूलत: नीमच निवासी रवि इंदौर के अनूप नगर में रहता था। वह प्रिया को घूमाने के लिए फ्लाइट से बैंगलुरु ले गया। यहां दोनों में शारीरिक संबंध बने। इसके बाद प्रिया ने रवि से झांसेबाजी कर फ्लैट, फर्नीचर, घरेलू सामान लिया और बुटिक खुलवा लिया। बाद में उसने एमआइजी थाने के सिपाही गोविंद द्विवेदी और एएसआइ धीरज शर्मा से मिलकर थाने में आवेदन दे दिया। दोनों पुलिसकर्मियों ने रवि को पकड़ा और दुष्कर्म का आरोप लगाया। रवि घबरा गया और 30 लाख से ज्यादा की राशि दे दी। इस मामले में दलाल संजय चौहान की अहम भूमिका रही जो प्रिया का कथित मामा लगता था। पुलिस ने जब पूछताछ की तो प्रिया की रिश्तेदार महिला और उसकी बेटी का नाम सामने आया। मामले में टीआइ अजय वर्मा भी जांच के घेरे में आ गए। अफसरों ने उनसे स्टाफ पर नियंत्रण न होने के कारण सवाल पूछे है।

Posted By: Hemraj Yadav

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