इंदौर। हनीट्रैप मामले में पूर्व परिवहन मंत्री भूपेंद्र सिंह ने शनिवार को कहा कि पुलिस ने ऐसे गिरोह को पकड़ा है, जो व्यवस्था को भ्रष्ट बनाने में जुटा था। उस गिरोह के कहने पर कलेक्टरों की पोस्टिंग तक होती थी। यह छोटा मामला नहीं है। कई राजनेताओं और ब्यूरोक्रेट के नाम जुड़े हैं। ऐसा लग रहा है कि पुलिस को इस मामले की निष्पक्षता से जांच कराने में कठिनाई आ रही है। उस पर राजनीतिक दबाव है। सरकार को हनीट्रैप की जांच सीबीआई से करानी चाहिए।

सिंह ने कहा कि इस मामले को राजनीति से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। चाहे भाजपा के लोग जुड़े हों या कांग्रेस के, समाज के सामने सबके नाम आने चाहिए। मामले में किसी भी तरह की लीपापोती न हो। कांग्रेस यदि यह आरोप लगा रही है कि कांग्रेस के राजनेताओं के लिए ऐसी साजिश की गई है, तो ऐसा कहकर वह अपने ही नेताओं का चरित्र हनन कर रही है।

सिंह ने कहा कि कांग्रेस की सरकार आते ही अपराध बढ़ गए हैं क्योंकि अपराधियों को लगता है कि उनकी सरकार आ गई है। पुलिस को फ्रीहैंड नहीं है। पुलिस अफसर तबादले रुकवाने में ही जुटे रहते हैं। प्रदेश की वित्तीय स्थिति खराब है। सरकार को पगार बांटने के लिए भी कर्ज लेना पड़ रहा है।

पूर्व मंत्री ने आरोप लगाया कि भोपाल में थानों की नीलामी होती है। मनचाही पोस्टिंग के रेट तय हैं। एक सवाल के जवाब में सिंह ने कहा कि वे भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष की दौड़ में नहीं हैं। उन्होंने बताया कि इंदौर में संगठनात्मक स्तर के चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है। 30 सितंबर तक मंडल स्तर के चुनाव हो जाएंगे।

कई लोगों के सपने चकनाचूर हो चुके

वहीं देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में एक आयोजन में उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी ने कहा कि हनी ट्रैप मामले में कुछ दिनों से सरकार गिराने की बात हो रही है, जो बिलकुल गलत है। कई लोगों के सपने चकनाचूर हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि हनीट्रैप मामले में निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई होगी। मैं किसी पार्टी के दृष्टिकोण से नहीं कह रहा हूं।

सार्वजनिक जीवन में रहने वाले अधिकारी, नेता और जनप्रतिनिधि या कोई भी, जो हैं, उन्हें अपने आचरण के बारे में सोचना चाहिए कि समाज में रहकर कैसा व्यवहार करें। प्रकरण में लिप्त लोगों के खिलाफ कानून अपना काम कर रहा है।

उन्होंने कहा कि हनीट्रैप की जांच करने वाली एजेंसी अपना काम बेहतर ढंग से कर रही है। आने वाले समय में सारी परतें खुलकर सामने आएंगी। चाहे वह ब्लैकमेलर हो या फिर मर्यादा का पालन नहीं करने वाले, सरकार सभी को एक नजर से देखती है और वह कानून के साथ है।