इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि Indore News। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के मौके पर सामािजक न्याय, नि:शक्तजन कल्याण विभाग व समर्थ सायकोथेरेपी काउंसलिंग सेंटर द्वारा चित्रकला स्पर्धा में चयनित व भाग लेने वाले सामान्य छात्रों के अलावा दिव्यांग छात्रों को एमजीएम मेडिकल कालेज के आडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में सम्मान किया गया और उन्हें प्रमाण पत्र भी बांटे गए।

विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के तहत शहर के विभिन्न 17 शासकीय हाई स्कूल के सामान्य छात्र व दिव्यांग छात्र सहित 168 प्रतिभागियों ने ने चित्रकला प्रतियोगिता में भाग लिया था। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सांसद शंकर लालवानी और सामाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन कल्याण विभाग के संयुक्त संचालक डा. संजय त्रिपाठी, विभाग प्रमुख सुचित्रा तिर्की उपस्थित थी। कार्यक्रम में मनोचिकित्सक डा. वीएस पाल एवं विक्रम अग्निहोत्री ने बच्चों को सहभागिता प्रमाण पत्र और प्रथम, द्वितीय व तृतीय चयनित प्रतिभागियों को पुरस्कार दिया। इस कार्यक्रम में नशा मुक्ति व मानसिक स्वास्थ्य विषय पर बनाई गई पांच लघु फिल्मों का भी प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम में मेडिकल कालेज के डीन डा. संजय दीक्षित भी उपस्थित थे।

मानसिक चिकित्सालय में आयोजित शिविर में 10 मरीज पहुंचे, नौ को किया गया भर्ती

विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के उपलक्ष में पेन इंडिया अवेयरनेस एंव आउटरीच प्रोग्राम के तहत विधिक सेवा प्राधिकरण व मानसिक चिकित्सालय द्वारा अस्पताल परिसर में शिविर का आयोजन हुआ। इस शिविर में नगर निगम व संबंधित एनजीओ द्वारा शहर के अलग-अलग हिस्सों से 10 मनोरोगियों को उपचार के लिए मानसिक चिकित्सालय लाया गया। 10 मरीजों में छह पुरुष व तीन महिलाओं को अस्पताल में भर्ती किया गया। एक अन्य महिला को दवा देकर घर भेजा गया। अस्पताल के चिकित्सकों के मुताबिक आगामी दिनों में निगम व एनजीओ के माध्यम से शहर में ऐसे ही मानसिक रोगियों की पहचानकर उपचार के लिए लाया जाएगा।

रविवार को मानसिक चिकित्सालय में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव व जिला न्यायाधीश मनीष कुमार श्रीवास्तव ने अस्पताल में आयोजित परिचर्चा में मानसिक रोगियों के अधिकार के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे रोगियों को संपत्ति पर अधिकार, इलाज का अधिकार है। किसी भी मनोरोगी के इलाज के लिए शासन स्तर पर इलाज व उपचार करवाना चाहिए। ऐसे लोगों को हाफ वे होम व लांग स्टे होम में भी रखे जाने का प्रावधान है। इस परिचर्चा में पैनल एडवोकेट पूजा खेत्रपाल एवं मानसिक चिकित्सालय के अधीक्षक डा. वीएस पाल शामिल थे।

Posted By: Sameer Deshpande

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