इंदौर, नईदुनिया टीम। कृषि के बाद सर्वाधिक रोजगार देने वाले कपड़ा उद्योग में आ रही परेशानियों से कारोबार से जुड़े सभी घटक इसके लिए केंद्र सरकार की छोटी सी भूमिका से सुधार की उम्मीद कर रहे हैं। उद्योग से जुड़े लोगों का मानना है कि नगदी की परेशानी दूर करने के साथ ही जीएसटी में सरलीकरण और उद्योग को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने की जरूरत है।

कपड़ा कारोबारियों और उद्योग से जुड़े लोग पिछले 2-3 साल से आ रही परेशानी को छोटी-छोटी राहत मिलने पर आसान होने की उम्मीद कर रहे हैं। कारोबारियों के अनुसार बाजार में नोटबंदी और जीएसटी के बाद से नगदी की कमी के साथ ही कारोबार में परेशानियां बढ़ी हैं। इसके बावजूद कारोबारी मानते हैं कि इस क्षेत्र को बैंकों के साथ ही केंद्र सरकार अगर कुछ राहत दे तो इसमें जल्दी ही सुविधाजनक कामकाज शुरू हो सकता है। कारोबार में कमी के पीछे आम और मध्यम वर्ग की क्रय शक्ति में कमी आना माना जा रहा है। इससे बाजार में माल की अधिकता के साथ ही उधार बढ़ने से परेशानी महसूस की जा रही है। कारोबारियों ने इसके कारण अब लंबी उधारी देना भी बंद कर दिया है। इस वजह से कामकाज की मात्रा भी कम हुई है।

टेक्सटाइल क्षेत्र में उत्पादन बढ़ने को भी कारोबारी मंदी का कारण मानते हैं। कारोबारियों के अनुसार बाजार को सामान्य करने के लिए इसमें नई तकनीक के इस्तेमाल से लागत घटाने की जरूरत है। कपड़ा कारोबार से जुड़े छोटे कारोबारियों को बैंकों से आसान कर्ज उपलब्ध करवाने से भी इस क्षेत्र में धन का प्रवाह बढ़ सकता है। इससे बाजार में आ रही परेशानियों से छुटकारा मिलेगा।

परेशानियां

- नोटबंदी के बाद से नगदी के प्रवाह में तेज गिरावट से बाजार से तरलता का कम हो गई है।

- जीएसटी में मौजूद विसंगतियों से छोटे कारोबारियों को दैनिक आधार पर परेशानी हो रही है।

- छोटे कारोबारियों और उद्योग को कर्ज नहीं मिलने से आ रही दिक्कतों से भी कारोबार कम हो रहा है।

- जीएसटी रिफंड में आ रही दिक्कतों से कारोबारियों के रुपए फंसने से भी परेशानी हो रही है।

सुझाव

- बैंकों से सस्ते और समय पर कर्ज मिलने से बाजार में तरलता बढ़ने पर कारोबार बढ़ेगा।

- जीएसटी में सुधार और समय पर रिफंड से कारोबार में धन का प्रवाह बढ़ सकता है।

- टेक्सटाइल उद्योग को कर्ज से बाहर निकालने के लिए राहत पैकेज दिया जाना चाहिए।

- उद्योग में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री कौशल योजना में अलग से प्रावधान लाया जाए।

उम्मीद

- उत्पादक क्षेत्रों में अधिक सुविधाएं देने की उम्मीद है जिससे उत्पादन को फिर से बढ़ावा मिलेगा।

- आर्थिक मंदी पर वित्त मंत्री के बयान के बाद उद्योग को जीएसटी में राहत की उम्मीद है।

- नई नीति से छोटे कर्ज मिलने का रास्ता आसान होने के आसार हैं।

- बाजार में धन की तरलता बढ़ने पर आने वाले त्योहारी सीजन में ग्राहकी बढ़ने के आसार हैं।

कपड़ा खरीदी पर असर

उद्योग में उत्पादन बढ़ने के मुकाबले खरीदी क्षमता का नहीं बढ़ना काफी चुनौती भरा है। बैंकों से आसान कर्ज मिलने में आ रही दिक्कतों से कारोबार की मात्रा पर फर्क पड़ा है। अन्य खर्च बढ़ने से भी कपड़ों की खरीदी पर असर पड़ा है। -गिरधर गोपाल नागर, अध्यक्ष क्लॉथ मार्केट शैक्षणिक पारमार्थिक ट्रस्ट