इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि Flesh Trade In Indore। शहर के सबसे बड़े देह व्यापार-मानव तस्करी केस में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआइए) भी शामिल हो गया है। एजेंसी ने इंदौर पुलिस से बांग्लादेश से भारत आने वाली युवतियों की गोपनीय रिपोर्ट मांगी है। एसपी (पूर्वी) आशुतोष बागरी ने सीएसपी को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है।

विजय नगर थाना पुलिस ने पिछले वर्ष महालक्ष्मी नगर स्थित एक गेस्ट हाउस में छापा मारकर देह व्यापार के लिए बंधक बनाई कई युवतियों को मुक्त करवाया था। जांच में पता चला दलाल मोहित, सैजल सितवानी, सागर जैन उर्फ सैंड, प्रमोद बाबा, मीना ठाकुर, ज्योति व पलक सहित कई दलालों ने इन युवतियों को मुंबई व गुजरात के दलालों से खरीदा था। पुलिस ने गुजरात से एक दलाल मुनीर उल दाजी को गिरफ्तार भी किया।

रिपोर्ट में यह भी पता चला कि युवतियों को बांग्लादेश के दलाल अवैध तरीके से सीमा पार करवाकर भारतीय सीमा में भेज देते हैं। युवतियां बाद में पश्चिम बंगाल होते हुए मुंबई व गुजरात पहुंच जाती हैं। पहले से बसे दलाल उनसे फर्जी शादी कर आधार कार्ड, वोटर आइडी बनवा लेते हैं। मामले में बांग्लादेशी दलालों की भूमिका मिलने के बाद एनआइए सक्रीय हुआ और पुलिस से रिपोर्ट मांगी।

मुंबई ट्रेनिंग और गुजरात सौदे का प्रमुख अड्डा

एक रिपोर्ट के मुताबिक युवतियों ने पुलिस को बताया कि आर्थिक कमजोरी का फायदा उठाकर बांग्लादेश के दलाल शबाना और बख्तियार ने नौकरी के बहाने भारत भेजा है। दलाल ने धान के खेत और नाले पार करवा कर सीमा में धकेल दिया। यहां से उन्हें कोलकाता और फिर मुंबई पहुंचाया गया। कई दिनों तक मुंबई में ट्रेनिंग दी गई और फिर गुजरात (सूरत) भेज दिया गया। यहां दलालों ने फोटो भेजे और छोटे शहरों में देह व्यापार के लिए बेच दिया।

Posted By: Sameer Deshpande

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