DAVV Indore: इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्ववित्त शिक्षकों का आडिट विभाग ने इंक्रीमेंट लगा दिया है। यहां तक बढ़ाकर वेतन भी जारी कर दिया है। मगर आडिट विभाग ने विश्वविद्यालय के सामने एक शर्त रखी है। उसमें कहा गया है कि उच्च न्यायालय ने यदि शिक्षकों के पक्ष में फैसला नहीं दिया तो विश्वविद्यालय को शिक्षकों से इंक्रीमेंट की राशि वसूल कर खातों में जमा करना होगी। विभाग की तरफ से पत्र विश्वविद्यालय को मिल गया है। बदले में जवाब भी लिखकर भेजा गया है। उधर शिक्षक भी शर्त पर सहमति जताई है।

विश्वविद्यालय के विभिन्न स्ववित्त विभागों में 125 शिक्षक है। काफी समय से इनकी मांग रही है कि नियमित शिक्षकों के समान इंक्रीमेंट लगाया जाए। बीते महीने की कार्यपरिषद की बैठक में यह मुद्दा उठाया गया। सदस्यों ने शिक्षकों की मांग पूरी करते हुए इंक्रीमेंट समान दिए जाने पर सहमति दे डाली। मगर अगस्त में शिक्षकों को वेतन नहीं मिला, क्योंकि आडिट विभाग ने कुछ महीने पहले आए उच्च शिक्षा विभाग के पत्र के आधार पर आपत्ति ली। दरअसल पत्र के अनुसार स्ववित्त शिक्षकों को कैरियर एडवांसमेंट स्कीम (केस) का लाभ नहीं दिया जा सकता है। इसके तहत इन शिक्षकों का प्रमोशन नहीं हो सकता है।

यहां तक जिन्हें प्रमोशन मिल चुका है, उनका भी रद किया जाए। वैसे पत्र के माध्यम से विभाग ने नियमों का हवाला देते हुए सिर्फ अपनी राय रखी थी, जो तीन साल पहले प्रमोशन को लेकर उठे मुद्दे पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने मांगी। पत्र आने के बाद विश्वविद्यालय में हंडकंप मचा गया। कुछ शिक्षकों ने उच्च न्यायालय की शरण ली और स्टे मिल चुका है।

जताई नाराजगी

अगस्त में शिक्षकों को इंक्रीमेंट तो दूर वेतन भी नहीं मिला। शिक्षकों ने अपनी नाराजगी विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने जताई। रेक्टर डा. अशोक शर्मा-कुलसचिव अनिल शर्मा ने आडिटर रजनीश वैद्य से बातचीत की। पता चला कि पत्र को आधार बनाकर वेतन और इंक्रीमेंट दोनों रोका गया है। काफी बहस और मंथन किया गया। कुछ कार्यपरिषद सदस्य भी शिक्षकों के समर्थन में उतरे।

आखिरी में आडिट विभाग ने इंक्रीमेंट और वेतन दोनों यह कहकर लगाए है कि यदि न्यायालय में शिक्षकों के पक्ष में फैसला नहीं होने पर इंक्रीमेंट की पूरी राशि विश्वविद्यालय को खातों में जमा करवाना होगी। कुलसचिव अनिल शर्मा का कहना है कि शिक्षकों को वेतन मिल चुका है। आडिट विभाग की शर्त से भी उन्हें अवगत कराया दिया है। उन्होंने भी शर्त पर सहमति जताई और राशि लौटने को राजी हुए।

Posted By: Sameer Deshpande

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