Indore News: इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। आहार शुद्ध होगा तो विचार शुद्ध होंगे। विचार शुद्ध होंगे तो चरित्र शुद्ध होगा। कर्मों से ही हमें सुख-दुख मिलते हैं। जब हमें सुख की प्राप्ति हो तो अहंकार कभी नहीं करना चाहिए। हम किसी को दुखी देखें तो उसका हमें उपहास नहीं करना चाहिए। जीवन में जो भी उतार चढ़ाव आते हैं, वो सब हमारे अच्छे-बुरे कर्मों का ही फल होता है।

यह बात कथावाचक पं. राजेश शास्त्री ने बुधवार को सुदामा नगर नर्मदा सेवा बस्ती में कही। वे सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा में रुक्मिणी विवाह प्रसंग के अवसर पर संबोधित कर रहे थे। विवाह प्रसंग में भजन मंडलियों ने अपने भजनों की प्रस्तुति से सभी श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। हिंदू युवा संगठन के एकलव्यसिंह गौड़ और भागवत कथा आयोजक निर्मल पाटीदार ने बताया कि स्वतंत्रता संग्राम के महान नायकों को समर्पित इस भागवत कथा के माध्यम से प्रतिदिन राष्ट्र की सेवा का संदेश दिया जा रहा है। व्यासपीठ का पूजन विधायक मालिनी गौड़, हेमंत मालवीय, ईश्वरदास हिंदुजा, कमलेश वाजपेयी, किरण जोशी, कांतिलाल पाटीदार, प्रवीण शर्मा, गोपाल गंगराड़े, राजू बुले, राजेंद्र मसाकर ने किया।

जयगुरुदेव आश्रम में सत्संग एवं वार्षिक भंडारा 28 से

जयगुरुदेव आश्रम के तत्वावधान में दो दिवसीय सत्संग एवं वार्षिक भंडारा 28 व 29 मई को तेजाजी नगर स्थित ग्राम मिर्जापुर में आयोजित किया जाएगा। इस मौके पर सेवा कार्य भी होंगे। अध्यक्ष चतरसिंह राजावत, छोटेलाल जायसवाल और मोहन सलवारिया ने बताया कि 28 मई को सुबह 8 बजे गुरु भक्तों द्वारा जयगुरुदेव की प्रतिमा का दर्शन-पूजन शुरू किया जाएगा। सुबह 9 बजे से तेजाजी नगर चौराहे पर भोजन और शरबत वितरण किया जाएगा। 11 से तीन बजे तक सत्संग और तीन बजे बाद महाप्रसादी होगी। 29 मई को आश्रम में सुबह 8 बजे दर्शन-पूजन और दोपहर 11 बजे से प्रवचन होंगे।

Posted By: Sameer Deshpande

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