IIM Indore : इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। भारत में बीते तीन सालों के भीतर स्टार्टअप की संख्या तेजी से बढ़ी है, जिसमें नए इनोवेटिव आइडिया रखने वालों को सफलता भी मिलने लगी है। यह इस बात का प्रतीक है कि भारतीय युवा नए विचारों से परिपूर्ण और निर्भय हैं। स्टार्टअप को लेकर सरकार की नीतियां भी काफी हद तक व्यवसाय को स्थापित होने में मदद कर रही हैं। अब नौकरी करने के बजाय नौकरियां देने पर अधिक जोर है।

यह बात भारतीय प्रबंधन संस्थान (आइआइएम) इंदौर के सीएओ सेवानिवृत्त कर्नल गुरुराज पमिडी ने कही। शुक्रवार को आइ-5 शिखर सम्मेलन-22 की शुरुआत हुई, जिसमें उद्यमियों, व्यवसाय प्रमुखों, स्टार्टअप के संस्थापकों, संस्थान के संकाय सदस्यों और 600 से अधिक प्रतिभागियों की मौजूदगी थी। आइआइएम के निदेशक प्रोफेसर हिमांशु राय ने हाल ही में अपनी किलिमंजारो समिट से मिली सीख के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि लक्ष्य की ओर अग्रसर होते वक्त आप कई बार रुक सकते हैं, डर सकते हैं और शायद निराश भी हो सकते हैं। किंतु आवश्यक है कि आप चलते रहें, क्योंकि आप तभी अपने लक्ष्य को पा सकेंगे।

कई विषयों पर हुई कार्यशाला - पहले दिन कई विषयों पर कार्यशाला रखी गई। मेटवी के सह-संस्थापक राजन लूथरा ने भी अपने विचार रखे और प्रतिभागियों से चर्चा की। प्कूलकन्या कार्यशाला में प्रतिभागियों ने स्टार्टअप को लेकर प्रेेंटेशन दिए। सीसीओ शिवानी कृष्णन ने भविष्य के नेताओं को एक बेहतर प्रस्तुति, सौंदर्यशास्त्र और इसके महत्व के बारे में शिक्षित किया। इनोवेटर्स और ट्रेलब्लेर की व्यापक सूची आगामी दो दिनों तक जारी रहेगी।

आज होंगे कार्यक्रम - जुगनू के संस्थापक समर सिंगला और विभिन्न उद्योगों में विशेषज्ञ और अनबाटल इमोशन्स और लाइटअप की संस्थापक जूही शर्मा से विशेष वार्ता होगी। दूसरे सत्र में श्नाइडर इलेक्ट्रिक के उपाध्यक्ष मीनू सिंघल, जीओक्यूआई के हेड कॉर्प डेवलपमेंट रोहित पारीक अपनी बात रखेंगे।

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