इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। भारतीय प्रबंध संस्थान (आइआइएम) इंदौर ने स्वच्छता और साफ-सफाई को प्रोत्साहित करने के लिए आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय से हाथ मिलाया है। सहयोग का उद्देश्य आइआइएम इंदौर में उत्कृष्टता केंद्र सेंटर आफ एक्सीलेंस (सीओई) स्थापित करना है, जो देश के पूरे शहरी क्षेत्र में स्वच्छता और अपशिष्ट प्रबंधन के लिए सर्वोत्तम श्रेणी का नेतृत्व और प्रशिक्षण प्रदान करेगा।

गुरुवार को आइआइएम इंदौर के निदेशक प्रो. हिमांशु राय और आवास और शहरी मंत्रालय की संयुक्त सचिव रूपा मिश्रा ने समझौते ज्ञापन पर दिल्ली में हस्ताक्षर किए। मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने दिल्ली में स्वच्छ शहर संवाद और टेक प्रदर्शनी के दौरान सीओई का अनावरण किया। मंत्रालय सचिव मनोज जोशी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।प्रो. राय ने कहा कि आइआइएम इंदौर को मंत्रालय से 19.95 करोड़ रुपये का अनुदान मिला है। स्वच्छ भारत सर्वेक्षण के तहत इंदौर पिछले पांच वर्षों से देश के सबसे स्वच्छ शहर का खिताब जीत रहा है। शहर ने स्वच्छता और साफ-सफाई में महारत हासिल की है और प्रशासन द्वारा लागू की गई योजना और निष्पादन रणनीति की दुनियाभर में सराहना की जा रही है। संस्थान का लक्ष्य एक प्रासंगिक संस्थान बनना है, जो राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए दृढ़ संकल्पित है। यह समझौता ज्ञापन सीओई स्थापित करने पर केंद्रित है जो महापौरों और वार्ड पार्षदों सहित राजनीतिक नेतृत्व के लिए प्रशिक्षण और विकास पाठ्यक्रमों को डिजाइन और कार्यान्वित करेगा। इससे उनकी क्षमता और कौशल को विकसित और सुदृढ़ किया जा सकेगा।

कार्यक्रम में हरदीप सिंह पुरी ने जन आंदोलन और सीओई के महत्व पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि जब युवा स्टार्टअप के निर्माण के बारे में विचार करना प्रारंभ करते हैं और एक आर्थिक गतिविधि करते हैं जिसके परिणामस्वरूप धन सृजन होता है। आप सुनिश्चित हो सकते हैं कि यह एक जन आंदोलन का प्रतीक है। आइआइएम इंदौर में सीओई की स्थापना के लिए पहल करने पर प्रो. हिमांशु राय को बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि मुझे यकीन है कि आपका यह उपक्रम इस नेक प्रक्रिया का पालन करने और इसमें शामिल होने के लिए समान स्तर के अन्य संगठनों और संस्थाओं के लिए एक प्रेरणा और प्रोत्साहन के रूप में काम करेगा।।

अयोध्या को स्वच्छ बनाने के लिए भी कर रहे कार्य

सीओई स्वच्छता और अपशिष्ट प्रबंधन में अनुसंधान भी करेगा और शहरी परिवर्तन में सर्वोत्तम प्रथाओं का कोष तैयार करेगा। सीओई आइआइएम इंदौर के निदेशक के प्रत्यक्ष प्रशासनिक और शैक्षणिक प्रशासन के अधीन होगा। यह संस्थान द्वारा निर्धारित शैक्षणिक नियमों और विनियमों के अंतर्गत कार्य करेगा। मंत्रालय तीन साल की अवधि के लिए सीओई की सहायता करेगा। आइआइएम इंदौर को 2021 में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण शिक्षा परिषद से वन डिस्ट्रिक्ट वन ग्रीन चैंपियन अवार्ड और 2021 में सीएसआर और सस्टेनेबिलिटी कैटेगरी के तहत एएमबीए-बीजीए अवार्ड्स में सिल्वर मिला। संस्थान ने कानपुर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में भी योगदान दिया है और अयोध्या में इंदौर की स्वच्छ योजना को दोहराने के लिए पहल की है।

आइआइटी इंदौर को भी साथ में लेंगे

प्रो. राय ने बताया कि प्रशिक्षण शहरी स्वच्छता और कचरा प्रबंधन के लिए पहल करने की उनकी क्षमता को मजबूत करेगा। प्रशिक्षण के अलावा, सीओई सार्वजनिक नीति, शहरी शासन, और प्रशासकों, प्रबंधकीय और कार्यकारियों और निगमों और स्थानीय निकायों के फ्रंट लाइन कर्मचारियों के लिए परिवर्तन प्रबंधन से संबंधित पूर्णकालिक और अंशकालिक कार्यक्रम भी पेश करेगा। हमारा सीओई नगर निगमों और स्थानीय निकायों, व्यवसायों और सेवा संगठनों के बीच एक मध्यस्थ का काम करेगा। हम आइआइटी इंदौर के साथ साझेदारी में एक इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित करने की योजना बना रहे हैं। इसके साथ ही हम नगरपालिका और नागरिक सेवाओं के वितरण के लिए शहरी स्थानीय निकायों को कार्पोरेट भागीदारों से राशि के उचित उपयोग पर सलाहकार सेवाएं भी प्रदान करेंगे।

Posted By: Hemraj Yadav

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