- मुकाम हासिल करना नहीं, हर कदम पर सीखना है सफलता

इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। भारतीय प्रबंध संस्थान (आइआइएम) इंदौर के पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड प्रोग्राम इन मैनेजमेंट (आइपीएम) ने दसवें वर्ष में प्रवेश कर लिया है। बुधवार को संस्थान में इस कोर्स की दसवीं बैच का सत्र शुरू हुआ। कोरोना के कारण यह पहला मौका था जब कोर्स का पहला लेक्चर नवप्रवेशित छात्रों ने अपने घर बैठकर सुना। आइआइएम निदेशक प्रो.हिमांशु राय और सीबीएसई के चेयरमैन मनोज आहूजा ने दीक्षारंभ समारोह में पहला व्याख्यान दिया।

आइआइएम इंदौर ने देश में पहली बार अंडर ग्रेजुएट कोर्स के तौर पर आइपीएम कोर्स शुरू किया था, क्योंकि आइआइएम को पहले विश्वविद्यालय के रूप में डिग्री देने का अधिकार नहीं था। लिहाजा शुरुआती पांच साल कोर्स के कई विद्यार्थियों ने डिग्री की आकांक्षा में स्वाध्यायी विद्यार्थी के तौर पर सामान्य कॉलेज की डिग्री भी ली। बाद में संसद ने एक्ट में संसोधन कर आइआइएम को विश्वविद्यालयों की तरह डिग्री देने का अधिकार प्रदान किया। बुधवार को दीप प्रज्जवलन के साथ आइआइएम निदेशक ने दीक्षारंभ समारोह की शुरुआत की। वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए मुख्य अतिथि के तौर पर सीबीएसई चेयरमैन इसमें सहभागी बने।

निदेशक प्रो.राय ने 10वीं बैच के 152 विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए पहला मंत्र दिया कि सफल यात्रा वह नहीं है जिसमें आपने लक्ष्य और मुकाम हासिल किया हो। सफल यात्रा तो वह है जिसमें आपने हर कदम पर कुछ सीखा हो। उन्होंने कहा अतीत को साथ लेकर आगे न बढ़ें। जो बीत गया उसे भूल जाएं। निदेशक ने कोर्स की विशेषताओं और पाठ्यक्रम डिजाइन के बारे में भी बताया। सीबीएसई चेयरमैन आहूजा ने कहा 'वीयूसीए' यानी वॉलेटिलिटी (अस्थिरता), अनसर्टिनिटी (अनिश्चितता), कॉम्प्लेक्सिटी (जटिलता) और एम्बिग्यूटी (अस्पष्टता) के प्रभावों को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि बदलाव यानी वीयूसीए को ध्यान रखते हुए सीखें और खुद को तैयार करें। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग जैसे प्रौद्योगिकी अवरोधों को ध्यान में रखना चाहिए। इनसे मुकाबला करते हुए आगे बढ़ना है। उन्होंने कहा कि मशीनें भी अब होशियार हो रही हैं। लिहाजा मनुष्यों को इस तरह तैयार होना होगा कि हम वह कर सकें जो मशीनें नहीं कर सकती। दीक्षारंभ में प्रो.रंजीत नंबूदरी, डीन प्रो.राधा लाडकानी, स्नेहा थपलियान समेत आइआइएम के अधिकारी मौजूद थे।

Posted By: Nai Dunia News Network

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