इंदौर। नगर प्रतिनिधि। अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त चित्रकार दीनानाथ भार्गव (89) का शनिवार को निधन हो गया। वे शांति निकेतन के कला गुरु नंदलाल बोस के प्रिय शिष्यों में से थे और भारतीय संविधान में चित्रित अशोक स्तंभ में सिंह की चित्रकारी में शामिल थे।

उनकी बनाई वॉश पेंटिंग्स चित्रकला जगत में विशिष्ट स्थान रखती है। मधुबनी पेंटिंग को कपड़ों में उतारने का श्रेय भार्गव को जाता है। डबल डेकर लूम से लेकर चंदेरी साड़ियों में नए ताने-बाने की शुरूआत भी उन्होंने की। उन्होंने पूर्व केंद्रीय मंत्री माधवराव सिंधिया के समय ग्वालियर में कारपेट बनाने की शुरूआत की थी।

मध्यप्रदेश सरकार द्वारा भी उन्हें सम्मानित किया गया था। पचास के दशक में यूरोप के वर्ल्ड आर्ट टूर में भी आपकी पेंटिंग्स को शामिल किया गया था। इसमें उन्हें गोल्ड मैडल मिला था। भार्गव मूलत: बैतूल जिले के मुलताई के थे। वे ऑल इंडिया हैंडलूम बोर्ड में नौकरी के लिए इंदौर आए थे। परिवार में पत्नी प्रभादेवी, दो पुत्र और दो पुत्रियां हैं।

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