इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। कोरोना संक्रमण के बीच देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इन दिनों विभिन्न पाठ्यक्रमों की आफलाइन सेमेस्टर परीक्षा संचालित कर रहा है, लेकिन कोरोना का डर इस कदर स्टाफ पर हावी हो चुका है कि वे परीक्षार्थियों की तलाशी नहीं ले रहे हैं। परिणामस्वरूप अनुचित साधनों के उपयोग का एक भी मामला बीते चार दिनों में सामने नहीं आया है, जबकि सामान्यत: विश्वविद्यालय की परीक्षाओं में अनुचित साधनों के प्रयोग के 150 से 200 मामले पाए जाते हैं।

विश्वविद्यालय ने संवेदनशील केंद्रों पर नजर रखने के लिए उड़नदस्तों को जिम्मेदारी सौंप रखी है। बीस माह बाद विश्वविद्यालय ने स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम की सेमेस्टर परीक्षाएं रखी हैं। इसमें बीबीए, बीसीए, एमए, एमकाम, एमएससी, एमबीए, एलएलबी, एलएलएम, बीकामएलएलबी, बीएएलएलबी पाठ्यक्रम की परीक्षा शामिल हैं। रोजाना 25-30 हजार के बीच छात्र-छात्राएं परीक्षा देने केंद्र पर पहुंच रहे हैं। कोविड -19 प्रोटोकाल का सख्ती से पालन करते हुए परीक्षा आयोजित की जा रही हैं। परीक्षा कक्ष में बैठक क्षमता का केवल 50 प्रतिशत ही उपयोग किया जा रहा है। दो परीक्षार्थियों के बीच एक टेबल खाली छोड़ी जा रही है, ताकि उनमें शारीरिक दूरी बनी रही। परीक्षा से पहले छात्रों की तलाशी नहीं ली जा रही है। उड़नदस्ते के सदस्य भी परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण कर रहे हैं, लेकिन परीक्षा में अनुचित साधनों का उपयोग करने वालों को पकड़ने के लिए किसी भी परीक्षार्थी की तलाशी लेने से बच रहे हैं। गोपनीय विभाग की उप कुलसचिव रचना ठाकुर ने कहा कि परीक्षा के दौरान अभी तक एक भी नकल का प्रकरण दर्ज नहीं किया गया है।

Posted By: Hemraj Yadav

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