इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। पिछले कुछ दिनों से ठंड का असर तीव्र होने के साथ वातावरण में उड़ रही धूल के कारण शहर में सर्दी- खांसी व वायरल बुखार वाले मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। अधिकांश परिवारों में कोई न कोई सदस्य वायरल बुखार या सर्दी-जुकाम से पीड़ित है। इसके कारण शहर के अधिकांश अस्पतालों व चिकित्सकों के क्लिनिक में भी उपचार के लिए मरीजों की संख्या बढ़ी है।

एमजीएम मेडिकल कालेज के श्वसन रोग विभाग के चिकित्सक डा. सलिल भार्गव के मुताबिक अभी सर्दी-खांसी व बुखार के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। ठंड का असर बढ़ने के कारण भी मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में यदि किसी को सर्दी, खांसी व वायरल बुखार हो तो वो व्यक्ति तत्काल चिकित्सक से उपचार ले और घर से बाहर निकलने से बचे। वर्तमान में लोग दवाईओं व विटामिन का सेवन करें, इसके अलावा व्यायाम भी नियमित करें।

कंसल्टिंग फिजिएिशन डा. योगेश शाह के मुताबिक पिछले तीन महीने से एलर्जी ब्रोंकायटिस के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई। पिछले एक सप्ताह से सर्दी-खांसी व वायर फीवर के मरीज भी बढ़े हैं। वर्तमान में कई लोग दीपावली पर साफ-सफाई के कार्य में जुटे रहे। इसके कारण भी उन्हें यह परेशानी हुई। वहीं मौसम में परिवर्तन के कारण अभी जहां दिन में गर्मी रह रही है और रात में एकाएक ठंड बढ़ रही है। इसके कारण भी मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है।

उनके अनुसार जिन लोगों को किसी भी तरह की एलर्जी है उन्हें इस मौसम में साफ-सफाई के दौरान काफी सावधानी रखना चाहिए। लोग अभी जामफल, सीताफल, केला, शीतल पेय व आईस्क्रीम के सेवन से बचें। इसके अलावा बैंगन, अंडा व मीट के सेवन केस भी एलर्जी बढ़ती है। ऐसे में इनके सेवन में भी सावधानी रखने की जरुरत है।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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