India New Zealand Match: समीर देशपांडे, इंदौर। पिछले काफी समय से भारतीय टीम में तीन फार्मेट में तीन अलग कप्तान को लेकर चर्चा की जा रही है। पिछले दो-तीन साल में रोहित शर्मा, विराट कोहली की अनुपस्थिति में केएल राहुल और हार्दिक पांड्या ने छोटे प्रारूप में कप्तानी की है। ऐसे में अलग-अलग कप्तानी को भी बल मिला। हालांकि भारतीय टीम के कोच राहुल द्रविड़ ने न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे वनडे से पहले पत्रकारों से चर्चा में भारतीय टीम के लिए अलग-अलग कप्तानों की रणनीति को सिरे से खारिज कर दिया।

द्रविड़ ने कहा कि भारतीय टीम तीनों अलग फार्मेट में अलग कप्तान बनाने जा रहा है, इस बारे में मैं नहीं जानता। यह सवाल तो चयनकर्ताओं से पूछा जाना चाहिए। लेकिन जहां तक मेरा मानना है तो ऐसा नहीं हो रहा है। गौरतलब है कि रोहित शर्मा, विराट कोहली पिछले कुछ समय से टी-20 क्रिकेट नहीं खेले हैं। यह भी माना जा रहा था कि रोहित टी-20 से संन्यास ले सकते हैं। हालांकि रोहित ने पिछले दिनों यह भी साफ कर दिया था कि उन्होंने अभी तक इस बारे में कोई निर्णय नहीं लिया है।

आईसीसी वनडे रैंकिंग में शीर्ष पर पहुंचने के मुहाने पर खड़ी भारतीय टीम के कोच राहुल द्रविड़ ने कहा कि अब उनकी नजरें 2023 के अंत में होने आईसीसी विश्व कप की ओर हैं। विश्व कप में अब कम समय बचा है और अब हमारा पूरा ध्यान अब कोर ग्रुप पर है। हम चाहते हैं कि उन्हें ज्यादा से ज्यादा मौका दें।

उन्होंने कहा कि पिछले कुछ सालों में हम तीन विश्व कप खेल चुके हैं, इनमें से दो टी-20 विश्व कप। पहले हमारा ध्यान टी-20 विश्व कप पर था। इसके खत्म होने के बाद अब हमारा ध्यान अक्टूबर-नवंबर में होने वाले वन-डे विश्व कप पर है। हमें तीनों फार्मेट में तालमेल बैठाकर चलना होता है। सही कहे तो अब आगामी विश्व कप से पहले हमारे पास कुछ ही मैच हैं। हमने इसके लिए अब हमारा खिलाड़ियों का कोर ग्रुप भी सीमित कर लिया है। अब हमारा ध्यान इसी पर है कि इन्हीं खिलाड़ियों को वनडे में ज्यादा से ज्यादा मौका दें।

मंगलवार को टीम में बदलाव के बारे में उन्होंने कहा कि जब आप भारतीय टीम के लिए खेलते हैं तो कोई भी मैच औपचारिक नहीं होता। मैच में केवल 11 खिलाड़ी खेल सकते हैं। सीरीज जीतने के बाद हमारे पास टीम में शामिल अतिरिक्त चार खिलाड़ियों को आजमाने का अवसर होता है। इससे सभी खिलाड़ी मौका मिलने पर तैयार रहें। हम बड़े टूर्नामेंट के मुहाने पर हैं और ऐसे टूर्नामेंट से पहले सभी टीमों की कोशिश होती है कि टीम में शामिल सभी 15 खिलाड़ी मौका मिलने पर खेल सकें।

उन्होंने कहा कि होलकर स्टेडियम में बड़े स्कोर बनते रहे हैं। यहां पर गेंदबाजों के लिए बहुत बड़ी चुनौती होती है। हमारा प्रयास रहेगा कि हम न्यूजीलैंड को कम स्कोर पर रोक सकें।

विराट कोहली को टी-20 मैच में आऱाम दिए जाने पर उन्होंने कहा कि हमें अभी कई बड़ी टूर्नामेंट खेलने हैं। बार्डर-गावस्कर ट्राफी, विश्व कप होना है। ऐसे हम हर खिलाड़ी को आराम देना चाहते हैं। हम चाहते हैं कि पर खिलाड़ी को पर्याप्त मौका मिले। इसलिए हमें प्रमुखता तय करनी होगी।

रोहित जबर्दस्त खिलाड़ी, प्रतिभा के साथ न्याय किया

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में दस साल पूरे करने जा रहे भारतीय कप्तान रोहित शर्मा के बारे में उन्होंने कहा कि वह एक जबर्दस्त खिलाड़ी हैं। वह भारतीय टीम के लिए पिछले काफी समय से अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। मैंने उन्हें पहली उस समय देखा था जब वह 17-18 साल के थे। वह अंडर-19 में थे और बहुत प्रतिभाशाली दिखाई दे रहे थे। अंडर-19 स्तर पर कई खिलाड़ी होते हैं जिनमें प्रतिभा होती है, लेकिन वह शीर्ष स्तर पर ज्यादा सफल नहीं हो पाते। पर रोहित ने प्रतिभा के साथ न्याय किया। फिर उन्हें सलामी बल्लेबाज के तौर पर मौका मिला। शीर्ष क्रम पर बल्लेबाजी करते हुए उन्होंने कई बड़े स्कोर बनाए। वनडे फार्मेट में तीन दोहरे शतक लगाना उनकी क्षमता को दिखाता है। उनमें हर तरह की गेंदबाजी को खेलने की क्षमता है। जब वह लय में होते हैं तो उन्हें रोक पाना मुश्किल है। पिछले कुछ मैचों से वह अच्छी लय है।

मौका मिलेगा तो जरूर रणजी ट्राफी में खेलेंगे खिलाड़ी

रणजी ट्राफी में शीर्ष खिलाड़ियों के खेलने के पक्षधर रहे द्रविड़ ने कहा कि टीम प्रबंधन चाहता है कि टीम का हर खिलाड़ी रणजी ट्राफी में खेले। लेकिन यह बहुत मुश्किल होता है। रणजी ट्राफी के नाक आउट दौर के दौरान ही बार्डर-गावस्कर ट्राफी होना है। इसके पहले ऐसी टूर्नामेंट खेलना तैयारी के लिए अच्छा है। फिर भी हम कोशिश करेंगे कि जो भी बाहर हो वह इसमें जरूर खेले।

रजत पाटीदार को करना होगा इंतजार

इंदौर के रजत पाटीदार को इस मैच में मौका मिलेगा या नहीं इस बारे में कोच राहुल द्रविड़ ने कहा कि रजत पाटीदार एक बहुत ही अच्छे खिलाड़ी हैं, इसलिए श्रेयस अय्यर जब चोटिल हुए तो उन्हें इस टीम के लिए चुना गया है। उनसे पहले से इस टीम में कई ऐसे खिलाड़ी हैं जो लंबे समय से मौके का इंतजार कर रहे हैं। किसी भी बड़े टूर्नामेंट से पहले हर टीम की यही कोशिश होती है कि टीम में शामिल सभी 15 खिलाड़ी फिट हों और वह किसी भी मौके पर खेल सकें। उनके लिए मैं इतना ही कहना चाहूंगा कि वह अपना अच्छा खेल जारी रखें। वह टीम में प्रवेश के मुहाने पर ही खड़े हैं।

यादें ताजा हो जाती हैं

राहुल द्रविड़ ने कहा कि यहां आना बहुत अच्छा लगता है। इंदौर मेरा ननिहाल रहा है। जब भी यहां आता हूं तो यादें ताजा हो जाती है। मैं यहां माता-पिता के साथ आता था। अब इंदौर स्वच्छता में नंबर वन है। यहां का स्टेडियम भी बहुत अच्छा है

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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