इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। शहर के दो प्रतिभाशाली क्रिकेटरों को बीसीसीआइ ने वेस्टइंडीज के खिलाफ आगामी घरेलू सीरीज के लिए टीम इंडिया में शामिल किया है। तेज गेंदबाज आवेश खान को टी-20 और वन-डे दोनों टीमों को स्थान मिला है जबकि हरफनमौला वेंकटेश अय्यर को टी-20 टीम में स्थान मिला है। रोहित शर्मा फिट होकर टीम की कप्तानी करेंगे। विराट कोहली भी टीम में शामिल हैं।

कैरेबियाई टीम भारत दौरे पर तीन टी-20 और इतने ही वन-डे मैचों की सीरीज खेलेगी। वन-डे सीरीज अहमदाबाद में छह से 11 फरवरी तक खेली जाएगी। इसके बाद 16 से 20 फरवरी तक कोलकाता में टी-20 सीरीज होगी। वेंकटेश हाल ही में समाप्त दक्षिण अफ्रीका दौरे पर वन-डे टीम में शामिल थे। वहां दो मैचों में उनका प्रदर्शन उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा था। अब उन्हें सिर्फ टी-20 टीम में जगह मिली है।

हर सीरीज नए अवसर की तरह, मेरा उद्देश्य टीम को जिताना : वेंकटेश

वेंकटेश ने कहा कि हर नई सीरीज नए अवसर की तरह होती है। मेरा उद्देश्य टीम को जिताना है, क्योंकि दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हम सीरीज नहीं जीत सके थे। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वेंकटेश बड़ा शाट खेलने के प्रयास में जल्दी आउट हो गए थे। इस बारे में पूछने पर उन्होंने कहा- यह सही है कि तब ओवर काफी बचे थे, लेकिन अपेक्षित रन औसत भी बढ़ता जा रहा था। खराब गेंद पर मैंने बड़ा शाट खेलने का प्रयास किया। यही मेरा काम है। दुर्भाग्य से मैं आउट हो गया।

जरूरत के हिसाब से गेंदबाजी : वेंकटेश ने कहा- टीम की योजना के हिसाब से गेंदबाजी होती है। पहले मैच में मुझे गेंदबाजी नहीं मिली, मगर दूसरे मैच में जब मौका मिला तो मैंने अपनी ओर से पूरा प्रयास किया। दक्षिण अफ्रीका दौरे से बहुत सीखने को मिला। वहां कोच राहुल द्रविड़ और वरिष्ठ खिलाड़ियों से चर्चा के बाद खुद में सुधार का प्रयास कर रहा हूं। मेरा खास ध्यान फिटनेस पर है क्योंकि अभी सत्र बहुत लंबा है।

अहमदाबाद में पहले भी खेल चुका हूं, वहां के विकेट व मैदान से वाकिफ : आवेश

दक्षिण अफ्रीका दौरे पर तेज गेंदबाज आवेश को मौका नहीं मिला था, जबकि आइपीएल में वह सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों में शामिल थे। अब उन्हें दोनों सीरीज के लिए चुना गया है। आवेश ने कहा- चयन मेरे हाथ में नहीं है, इसलिए इस बारे में ज्यादा नहीं सोचता। दक्षिण अफ्रीका दौरे पर मौका नहीं मिलने पर थोड़ा बुरा जरूर लगा था, लेकिन मैं जल्द इससे उबर गया था। कोलकाता और अहमदाबाद में पहले भी खेल चुका हूं और वहां के विकेट व मैदान से वाकिफ हूं।

बल्लेबाजी पर भी ध्यान : आवेश ने कहा कि अब मैं गेंदबाजी के साथ बल्लेबाजी पर भी ध्यान दे रहा हूं। स्थानीय क्लब मैचों में खेलकर मैंने अपनी फिटनेस और लय बनाए रखी। यहां मैंने चौथे और पांचवें क्रम पर बल्लेबाजी की। हमारे कोच चंद्रकांत पंडित ने कहा है कि तुम बल्लेबाजी कर सकते हो। निचलेक्रम में यदि 20-30 रन बनाते हो तो यह टीम के लिए बहुत फायदेमंद होगा।

करीब सात दशक से दो इंदौरी एक साथ टीम में नहीं खेले

वेंकटेश और आवेश का पिछले साल नवंबर में एक साथ भारतीय टीम में चयन हुआ था। हालांकि खेलने का मौका सिर्फ वेंकटेश को मिला था। अब फिर दोनों का एक साथ वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज के लिए चयन हुआ है। वर्ष 1932 में दो इंदौरी एक साथ भारतीय टीम में खेले थे। तब कर्नल सीके नायडू और कैप्टन मुश्ताक अली टीम में थे। इसके बाद वर्ष 1948 में आस्ट्रेलिया दौरे पर इंदौर के तीन खिलाड़ी सीएस नायडू, खंडू रांगणेकर और चंदू सरवटे भारतीय टीम में थे। लाला अमरनाथ टीम के कप्तान थे।

वन-डे सीरीज :

छह फरवरी (पहला मैच), नौ फरवरी (दूसरा मैच), 11 फरवरी (तीसरा मैच)

टी-20 सीरीज :

16 फरवरी (पहला मैच), 18 फरवरी (दूसरा मैच), 20 फरवरी (तीसरा मैच)

इनका कहना है

आवेश और वेंकटेश दोनों प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं। दक्षिण अफ्रीका दौरे पर आवेश का चयन नहीं होने पर मुझे हैरानी हुई थी। आवेश में बहुत क्षमताएं हैं। भविष्य की टीम बनाना है तो नए युवाओं पर ध्यान देना चाहिए।

- संजय जगदाले (पूर्व सचिव, बीसीसीआइ)

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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