इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। बिना लीज के शासकीय जमीन पर चल रहे इंदौर आई अस्पताल पर मंगलवार को प्रशासन ने कब्जा ले लिया। अस्पताल के मुख्य भवन के साथ परिसर में बने एक अन्य भवन को भी अधिकारियों ने कब्जे में ले लिया। इस अस्पताल में करीब डेढ़ महीने पहले आंखों का ऑपरेशन असफल होने पर 15 मरीजों की आंखों की रोशनी चली गई थी और कुछ की आंखें निकालनी पड़ी थीं। पुलिस बल के साथ पहुंची टीम ने सबसे पहले अस्पताल के मुख्य भवन का कब्जा लिया। इस दौरान अस्पताल के संचालक डॉ. सुधीर महाशब्दे भी पहुंच गए थे। उन्होंने अपने कर्मचारियों की मदद से अस्पताल से जरूरी सामान और दस्तावेज निकाले। अस्पताल के अंदर दवाइयों का स्टोर भी था। यहां से भी दवाइयां निकाली गईं। प्रशासन की ओर से कार्रवाई के लिए तहसीलदार सिराज खान, नायब तहसीदार मनीष श्रीवास्तव, अतिरिक्त तहसीलदार दिनेश सोनरतिया और राजस्व निरीक्षक तेजसिंह सोलंकी, अखिलेश सरमंडल और रामलाल खेड़कर की टीम पहुंची थी।

कर्मचारियों से खाली कराया सामान

अस्पताल भवन के पास ही एक और भवन है जिसमें अस्पताल के कर्मचारी रहते थे। अधिकारियों ने इन कर्मचारियों से भी सामान खाली करवाकर कब्जा लिया। दो कर्मचारी परिवार सहित रह रहे थे। परिसर में कैंटीन भी है। कैंटीन संचालक को भी सामान खाली करने के लिए कहा गया तो उसने एक दिन की मोहलत मांगी। अधिकारियों ने उसे बुधवार सुबह तक का समय दिया है।

बुजुर्गों के इंतजाम के बाद खाली होगा वृद्धाश्रम

अस्पताल परिसर में शासकीय जमीन पर वृद्धाश्रम भी चलाया जा रहा है। अस्पताल प्रबंधन ने ही यहां किसी संस्था को वृद्धाश्रम चलाने के लिए जगह उपलब्ध कराई है। फिलहाल यहां 18 वृद्ध रह रहे हैं। उच्च अधिकारियों से चर्चा के बाद तहसीलदारों ने तय किया कि जब तक इन बुजुर्गों के रहने का इंतजाम किसी दूसरी जगह नहीं हो जाता, तब तक वृद्धाश्रम खाली नहीं कराया जाएगा।

Posted By: Nai Dunia News Network