इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। बसों के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद उनके परमिट निरस्त करने और चालक के साथ मालिक पर भी पुलिस प्रकरण दर्ज करने के फैसले का इंदौर की बस एसोसिएशन ने विरोध किया है। बस मालिकों का कहना है कि जल्द ही वे इस पर बैठक कर निर्णय लेंगे और बसों का संचालन बंद कर देंगे।

प्राइम रूट बस आनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष गोविंद शर्मा एवं महासचिव सुशील अरोरा ने बताया कि शासन की इस कार्रवाई से बस मालिकों में रोष है। कलेक्टर मनीष सिंह द्वारा बस एक्सीडेंट के संदर्भ में हाल ही में यह निर्णय लिया गया है कि किसी भी बस का एक्सीडेंट होने पर बस मालिक के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज किया जाए। इसके अलावा उसके दूसरे सभी दूसरे वाहनाें का परमिट निरस्त किया जाएगा। यह उचित नहीं है क्योंकि एक्सीडेंट किसी भी हाल में जान बूझकर नहीं किया जाता है। लेकिन उस स्थिति में यदि वाहन मालिक को मुलजिम बनाया जाए और उसका परमिट निरस्त किए जाए तो यह अनुचित है। रेल, हवाई जहाज के भी एक्सीडेंट होते हैं लेकिन यह एक प्राकृतिक दुर्घटना मान कर स्वीकार किया जाता है उस स्थिति में न तो बची हुई ट्रेन बंद की जाती है न ही रेल मंत्री या रेल बनाने वाली कंपनी को जेल भेज कर प्रतिबंधित किया जाता है।

27 जून को करेंगे बैठक, बसें बंद करने का लेंगे निर्णय - शर्मा ने बताया कि हम शासन से मांग करते हैं कि इस कार्रवाई को तत्काल रोका जाए अन्यथा बस व्यावसायियों के लिए बस चलाना संभव नहीं होगा। इस पर अगला कदम उठाने के लिए हमारे सभी बस संचालकों की सोमवार को एक महत्वपूर्ण बैठक होगी। इसके तहत इस कार्रवाई के विरोध में बसों का संचालन बंद करने का निर्णय लिया जाएगा। इससे यात्रियों को होने वाली परेशानी के लिए फिर जिला प्रशासन और परिवहन विभाग के अधिकारी जिम्मेदार होंगे।

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