इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। शैक्षणिक संस्थानों के दवाब में सरकार ने पिछले महीने भले ही कक्षाओं का संचालन एक दिसंबर से शुरू करने का फैसला लिया हो, लेकिन अभी परिस्थिति विपरीत बनी हुई है। नवंबर के दूसरे सप्ताह से कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ने से कॉलेज-विश्वविद्यालय की चिंताएं फिर बढ़ गई हैं। असमंजस के बीच संस्थानों ने कक्षाओं के संबंध में अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। उधर गाइडलाइन का बेसब्री से इंतजार होने लगा है।

प्रदेश के शिक्षा मंत्री मोहन यादव ने एक दिसंबर से कक्षाएं शुरू करने का कहा है। साथ ही यूजीसी की तरफ से भी अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में कोविड-19 के दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए थे। जहां कक्षाओं में विद्यार्थियों के बीच तीन-चार फीट की दूरी बनाने पर जोर दिया था। उसके आधार पर कॉलेजों ने कम विद्यार्थियों की कक्षाएं बनाई। क्लास रूम में दूर-दूर बैठक व्यवस्था बनाई। विद्यार्थियों को अलग-अलग सेक्शन में बांटा गया। यहां तक कक्षाओं में प्रवेश से पहले विद्यार्थियों की थर्मल स्क्रीनिंग और सैनिटाइजर की व्यवस्था की।

माना जा रहा था कि 20 नवंबर तक उच्च शिक्षा विभाग आदेश जारी कर देता। मगर दीपावली के बाद अचानक संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ने लगी। बताया जाता है कि पिछले आठ महीने से कॉलेज बंद होने से प्रबंधन को काफी आर्थिक नुकसान हुआ है। मामले में संस्थाएं लगातार विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के संपर्क में बनी हुई हैं। सूत्रों के मुताबिक कॉलेज-विवि अभी पंद्रह दिन और नहीं खुल सकते। अतिरिक्त संचालक डॉ. सुरेश सिलावट का कहना है कि विभाग के निर्देश पर संस्थानों को कक्षाएं संचालित करने का कहा है। यहां तक गाइडलाइन भी आना बाकी है। संभवत: तीन-चार दिन में स्थिति स्पष्ट होगी।

Posted By: dinesh.sharma

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