Indore Coronavirus News Update : इंदौर शहर में कोरोना पॉजिटिव की संख्‍या में कमी आई। सोमवार रात जारी रिपोर्ट के अनुसार शहर में 39 पॉजिटिव मरीज मिले हैं। पिछले कुछ दिनों में मिले संक्रमितों की तुलना में यह संख्‍या लगभग आधी है। एक और मौत के साथ कोरोना से जान गंवाने वालों की कुल संख्‍या अब 117 हो गई है। अब तक शहर में 1484 मरीज कोरोना को मात दे चुके हैं जबकि 1502 मरीजों का उपचार चल रहा है।आज 705 सैंपल निगेटिव मिले। लंबे समय बाद पॉजिटिव मरीजों की संख्‍या में कमी आई है।

उल्‍लेखनीय है कि रविवार को आई जांच रिपोर्ट में 56 नए मरीज सामने आए थे। रविवार को स्वास्थ्य विभाग ने 2 मौत होने की पुष्टि की थी। पिछले कुछ दिनों से हर रोज दो मौतों की पुष्टि स्वास्थ्य विभाग कर रहा था।

82 साल के बुजुर्ग ने नौ दिन में दी कोरोना को मात

शहर के अस्पतालों में भर्ती बुजुर्ग मरीज भी कोरोना से जंग जीतकर घर लौट रहे हैं। नेहरू नगर में रहने वाले 82 वर्षीय बाबूलाल रविवार को स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हुए। 15 मई को पॉजिटिव रिपोर्ट आने के बाद उन्हें भर्ती किया गया था। बेहतर रोग प्रतिरोधक क्षमता, नियमित योग-व्यायाम व संतुलित आहार के कारण उन्होंने नौ दिन में ही कोरोना को मात दे दी। बाबूलाल सहित 43 मरीज रविवार को अरबिंदो अस्पताल से डिस्चार्ज हुए। अधिक उम्र के कारण मरीज को स्वस्थ होने में समय लगता है, लेकिन बाबूलाल ने जल्द ठीक होकर अन्य मरीजों का हौसला बढ़ाया है।

उन्होंने बताया कि वे अपने नाती के पास रहते हैं। नेहरू नगर में कोरोना पॉजिटिव मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम जांच के लिए पहुंची थी। सैंपल की जांच के बाद वे पॉजिटिव आए, लेकिन उनमें किसी तरह के लक्षण नहीं दिखे। उन्हें कोई अन्य बीमारी भी नहीं है। डिस्चार्ज होने वालों में गोपाल बाग निवासी चार माह का बालक भी शामिल था।

मां के साथ दो माह बाद डिस्चार्ज हुई पांच माह की बच्ची

अरबिंदो अस्पताल से 27 साल की हिना नागौरी भी अपनी पांच माह की बच्ची के साथ डिस्चार्ज हुई। हिना के मुताबिक नार्थ हाथीपाला में दो माह पहले टीम आई थी। जांच के बाद परिवार के कुछ सदस्य पॉजिटिव आए। इसके बाद क्वारंटाइन कर एक होटल में रखा गया। फिर वहां से रॉबर्ट नर्सिंग होम भेज दिया गया। वहां भर्ती किया गया। रॉबर्ट में कुछ दिन रखने के बाद स्वस्थ बताकर छुट्टी कर दी गई। अगले ही दिन फिर फोन आया कि आपकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है, इसलिए वापस भर्ती होना होगा। इसके बाद हमें अरबिंदो अस्पताल भेजा गया। जब हम क्वारंटाइन हुए तब बेटी तीन माह की थी और अब पांच माह की हो गई है।

Posted By: Prashant Pandey

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