Indore Coronavirus News Update : इंदौर में कोरोना पॉजिटिव मरीज मिलने के साथ ही मौत के आंकड़े भी लगातार बढ़ते जा रहे हैं। रविवार रात जारी रिपोर्ट के अनुसार शहर में कोरोना के 53 और मरीज मिले हैं। तीन और मौत के साथ इस बीमारी से मरने वालों का आंकड़ा अब 135 हो गया है। आज 39 मरीजों को अस्‍पताल से डिस्‍चार्ज किया गया।

एनवीडीए के इंजीनियर खरे की इंदौर में कोरोना से मौत

नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण (एनवीडीए) के उपयंत्री केसी खरे की रविवार को इंदौर में मौत हो गई। वे करीब एक पखवाड़े से बीमार थे। प्रशासन ने उन्हें निजी अस्पताल में मरीजों के इलाज की व्यवस्था देखने के लिए नोडल अधिकारी बनाया था। खरे को बॉम्बे अस्पताल में भर्ती किया गया था। वहां से वे डिस्चार्ज होकर घर आ गए थे। पहले उनका कोरोना जांच के लिए सैंपल लिया गया था जिसकी रिपोर्ट निगेटिव आई थी, लेकिन दो दिन पहले अचानक तबीयत खराब हो गई।

शनिवार को स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की टीम उन्हें फिर बॉम्बे अस्पताल ले गई। कोरोना संदिग्‍ध होने से वहां उनका उपचार करने से मना कर दिया गया। इस पर उन्हें अरबिंदो अस्पताल ले जाया गया जहां उनकी मौत हो गई। स्वजन ने बताया कि कुछ साल पहले उन्हें पक्षाघात हुआ था, लेकिन वे ठीक हो गए थे। 15-20 दिन से उन्हें बोलने में परेशानी हो रही थी। विभाग के एसडीओ तिलकचंद यादव ने बताया कि खरे कुछ महीने में सेवानिवृत्त होने वाले थे।

इंदौर के कलेक्टोरेट का कर्मचारी पॉजिटिव

इंदौर के प्रशासनिक संकुल (कलेक्टोरेट) स्थित तहसील कार्यालय में एक कंप्यूटर ऑपरेटर के कोरोना पॉजिटिव निकलने के बाद अन्य कर्मचारी-अधिकारी भयभीत हैं। राहत की बात यह है कि इस कर्मचारी की तबीयत खराब होने से उसे 15 दिन पहले से ही कार्यालय नहीं आने दिया जा रहा था। कर्मचारी को रविवार को लाल श्रेणी के अस्पताल में भर्ती कराया गया।

एमवायएच के तीन डॉक्टरों की टीम करेगी कोरोना से हुई मौतों का ऑडिट

इंदौर जिले में कोरोना से होने वाली हर मौत का ऑडिट होगा। इसके लिए एमजीएम मेडिकल कॉलेज की डीन डॉ. ज्योति बिंदल ने एमवाय अस्पताल के तीन डॉक्टरों की टीम बनाई है। 30 मई तक जिले में कोरोना से 132 मौत होने की पुष्टि हो चुकी है। कमेटी में डॉ. संजय अवासिया, डॉ. धर्मेंद्र झंवर व डॉ. निर्भय मेहता रहेंगे। इसके पहले संभागायुक्त ने संभाग स्तर पर कमेटी बनाई थी जिसमें दस प्रतिशत मौत का ऑडिट करना था। टीम ने इन दस प्रतिशत मौत में से 80 प्रतिशत मौत कोम आर्बिट (पहले से अन्य गंभीर बीमारी) के कारण होना बताया है।

इसकी पूरी रिपोर्ट संभागायुक्त को सौंपी जा चुकी है। जो टीम बनाई गई है, वह जिले में हुई सभी मौत के कारणों का पता लगाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों के साथ ही नए इलाके सामने आने के बाद दस अतिरिक्त टीम बनाई है। यह टीम शहर के बाहरी क्षेत्र व गांवों में जाकर स्क्रीनिंग व जांच करेगी। कोरोना के लक्षण दिखने पर मरीज को एमटीएच अस्पताल में भर्ती किया जाएगा। इसके अलावा कंटेनमेंट क्षेत्र के आसपास जरूरत होने पर सर्वे व सैंपलिंग में इनकी मदद ली जाएगी।

एसीएस स्वास्थ्य करेंगे समीक्षा

अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य मोहम्मद सुलेमान के साथ प्रमुख सचिव (चिकित्सा शिक्षा) संजय शुक्ला सोमवार को इंदौर पहुंचेंगे। रेसीडेंसी में दोपहर 1 बजे वे प्रशासनिक अधिकारियों सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से जानकारी लेंगे। इसके अलावा सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल जाकर वहां की व्यवस्था देखेंगे। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने क्वारंटाइन सेंटर, यलो जोन के अस्पताल व रेड जोन के अस्पतालों सहित अन्य जगह रिजर्व बिस्तरों की तैयारी सहित डिस्चार्ज मरीजों व मरीजों की मौत से संबंधित जानकारी भी जुटाई।

परदेशीपुरा रैनबसेरा में शिफ्ट होगा फीवर क्लीनिक

जोन 5 की सुयश विहार कॉलोनी में फीवर क्लीनिक के विरोध के बाद स्वास्थ्य विभाग इसे परदेशीपुरा स्थित रैनबसेरे में खोलने की तैयारी कर रहा है। सुयश विहार में रहवासियों के विरोध को देखते हुए फीवर क्लीनिक बापट चौराहे पर स्थित संजीवनी क्लीनिक में खोला जाना था, लेकिन अब जल्द ही परदेशीपुरा स्थित रैनबसेरे में फीवर क्लीनिक शिफ्ट किया जाएगा।

Posted By: Prashant Pandey

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