Indore Crime News: इंदौर। नईदुनिया प्रतिनिधि। पुलिस ने एसे ठगोरे को गिरफ्तार किया है जो कोरोना संक्रमितों के स्वजनों को नकली टॉसीलिजुमैब (टॉसी) इंजेक्शन देकर लाखों रुपये ठग रहा था। आरोपित महिलाओं और युवतियों को ही निशाना बनाता था और इंजेक्शन की जगह वैसलीन की डिब्बी या पानी की शीशी देकर रफूचक्कर हो जाता था। आरोपित सुरेश यादव ने प्रारंभिक पूछताछ में चार से ज्यादा घटनाएं स्वीकार ली है। उसके विरुद्ध एक युवती ने दो लाख रुपये ठगने की शिकायत दर्ज करवाई थी।

विजयनगर थाना टीआइ तहजीब काजी के मुताबिक बाणगंगा निवासी सुरेश पुत्र स्वरुप मूलत: देवास का रहने वाला है और इलेक्ट्रीशियन का काम करता है। आरोपित इंदौर स्मार्ट सिटी (फेसबुक पेज) पर उन लोगों से संपर्क करता था जो इंजेक्शन,दवाई,ऑक्सीजन,बेड,अस्पताल जैसी वस्तुओं के लिए मदद की गुहार लगाते थे।

आरोपित उसमें से टारगेट चिन्हित कर मैसेंजर पर बात करता और इंजेक्शन व दवाईं देने का झांसा देकर रुपये एठ लेता था। पीड़ित युवती से भी आरोपित युवती को भी दोस्त के चाचा के लिए इंजेक्शन की आवश्यकता था। आरोपित ने उससे भी 2 लाख रुपये ले लिए वैसलीन की डिब्बी देकर फरार हो गया।

शक्कर की थैली में ढाई लाख रुपये लेकर पहुंची एसआइ

टीआइ के मुताबिक पुलिस ने पहले सुरेश की जानकारी जुटाई तो पता चला वह महिलाओं और युवतियों को ही आसान टारगेट समझता है। पुष्टि के लिए वीडियो कॉल कर उनसे बातें भी करता है। पुलिस ने पकड़ने के लिए एसआइ प्रियंका शर्मा और सिपाही भरत बड़े की टीम का गठन किया। एसआइ ने शीतल जैन के नाम फेसबुक आइडी बनाई और सुरेश से कहा कि चाचा के लिए टॉसी इंजेक्शन की आवश्यकता है।

आरोपित झांसे में आ गया और मेघदूत गार्डन के पास बुलाया। एसआइ से कहा कि रुपये शकर की थैली में भर कर लाना। पुलिस रोके तो बोल देना शक्कर लेने गई थी। एसआइ सिपाही भरत को रिक्शा चालक बताया और सादे कपड़ों में इंजेक्शन खरीदने पहुंच गई । रुपयों से भरी थैली लेकर जैसे ही इंजेक्शन थमाया सिपाही ने दबोच लिया। आरोपित ने भागने की खूब मशक्कत की और पुलिसकर्मी और आरोपित में उठा पटक भी हो गई। टीआइ के मुताबिक सुरेश अभी तक 8 लाख रुपये से ज्यादा की ठगी कर चुका है।

रेमडेसिविर कालाबाजारी: एक आरोपित गिरफ्तार

रेमडेसिविर इंजेक्शन की काला बाजारी में पुलिस ने मंगलवार को असीम भाले नामक युवक को भी गिरफ्तार कर लिया। टीआइ के मुताबिक असीम के बारे में जिम ट्रेनर प्रवीण उर्फ सिद्धार्थ से जानकारी मिली थी। पूर्व में पकड़ाए आरोपित असीम के माध्यम से ही इंजेक्शन का सौदा करते थे।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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