Indore Crime News : इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। केवायसी अपडेट करने के नाम पर लिंक भेज आरोपित ने पांच लाख रुपये निजी कंपनी के सहायक प्रबंधक के खाते से ट्रांसफर कर लिए। बाद में ठगी गई राशि से आनलाइन डिजिटल गोल्ड की खरीदी भी कर ली। पीड़ित ने राज्य सायबर सेल को शिकायत की और पुलिस ने राशि वापस दिलवाई।

राज्य सायबर सेल इंदौर के पुलिस अधीक्षक जितेंद्र सिंह ने बताया कि 14 सितंबर को पीथमपुर स्थित निजी कंपनी के सहायक प्रबंधक निवासी इंदौर ने शिकायत की थी। उन्होंने बताया था कि उनके मोबाइल नंबर पर बैंक खाते की केवायसी अपडेट करने के लिए मैसेज आया था। मैसेज की लिंक पर क्लिक करने पर भारतीय स्टेट बैंक के जैसा फर्जी पेज खुला, जिसमें इंटरनेट बैंकिंग की लाग इन आइडी व पासवर्ड दर्ज करना था। इसके बाद अपना बैंक खाता नंबर व रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर दर्ज करने के बाद आरोपित ने खाते का एक्सेस प्राप्त कर लिया। इसके कुछ देर बाद ही खाते से पांच लाख रुपये डेबिट होने के मैसेज आए।

अवैध ट्रांजेक्शन पर लगाई रोक - सिंह ने बताया कि मामले में जांच करते हुए बैंक स्टेटमेंट, मोबाइल पर प्राप्त मैसेज का अध्ययन कर अवैध ट्रांजेक्शन की जानकारी इकट्ठा की गई। इस जानकारी में पता चला कि आरोपित ने ठगी की राशि से आनलाइन डिजिटल गोल्ड की खरीदी विक्रेता कंपनी डिजिटल गोल्ड इंडिया प्राइवेट लिमिटेड से की। जांच में प्राप्त जानकारी के आधार पर संबंधित बैंक से त्वरित पत्राचार व दूरभाष से संपर्क कर अवैध ट्रांजेक्शन को रोकने संबंधी प्रक्रिया पूर्ण की गई, जिसके बाद शिकायतकर्ता सहायक प्रबंधक को फ्राड की संपूर्ण राशि वापस मिल गई।

रुपये डबल करने के नाम पर सिपाही से ठगी - क्राइम ब्रांच को आवेदक गुलाब निवासी जिला जलाना महाराष्ट्र ने शिकायत की थी। गुलाब अभी बीएसएफ फोर्स जम्मू कश्मीर में पदस्थ हैं। गुलाब ने बताया था कि योर मनी मेकर्स शेयर एडवाइजरी कंपनी इंदौर के नाम से उसके पास काल किया गया था। रुपये डबल करने के नाम पर तीन लाख 87 हजार रुपये लिए, लेकिन बाद में रुपये वापस नहीं लौटाए। मामले की जांच में क्राइम ब्रांच को पता चला कि आरोपित विकास रजक और कविता मालवीय भोपाल ने विजय नगर इंदौर में फर्म का झूठ बोलकर शेयर बाजार में रुपये डबल करने का झांसा देकर निवेश करवाया। आवेदक गुलाब का डिमेट अकाउंट आपरेट कर रुपये नहीं लौटाए। क्राइम ब्रांच ने मामले में जांच कर रुपये वापस दिलवाए।

Posted By: Hemraj Yadav

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