Indore Crime News : इंदौर। नईदुनिया प्रतिनिधि। विश्व की सबसे बड़ी इलेक्ट्रानिक गैजेट्स बेचने वाली कंपनी एपल के नाम पर डेढ़ करोड़ की ठगी का मामला सामने आया है। आस्ट्रेलिया के पॉल शेपर्ड ने इंदौर के साफ्टवेयर इंजीनियर मयंक सलूजा के खिलाफ अन्नापूर्णा थाना में शिकायत दर्ज करवाई है।मयंक ने एपल के वेब ब्राउजर सिरीकी तरह एआरआइ और स्क्रीन प्रजेंटेशन एप बनाने का झांसा देकर 1 लाख 77 हजा डालर ठग लिए।

उसने एपल से पार्टनरशिप का भी झांसा दिया और सीइओ टिम कुक के फर्जी हस्ताक्षर से अनुबंध तक बना लिया।

जसपर रोड़ विक्टोरिया आस्ट्रेलिया निवासी पॉश शेपर्ड फ्रैंक थॉमस शेपर्ड एक बड़ी कंपनी में नौकरी करते है। उन्होंने पुलिस को बताया कि वर्ष 2018 में वेब साइट(फ्री लांसर डाटकाम) से वीडियो कालिंग और कान्फ्रेंस एप बनाने के लिए

अन्नापूर्णा रोड निवासी मयंक सलूजा से संपर्क हुआ था।मयंक ने 600 डालर में एप तैयार कर दी लेकिन थोड़े दिनों बाद छल करना शुरु कर दिया।उसने कहा कि एप को एपल ब्राउजर सफारी पर सपोर्ट नहीं कर रहा है।एपल के गैजेट्स(आइफोन,आइपेड,मैकबुक)के लिए कंपनी से पार्टनरशिप व विशेष एप तैयार करना होगा।

उसने अथर्व डाप्से से बात करवाई और कहा वह उसका स्कूल का दोस्त है जो फिलहाल हैड आफ एसिया के अधीन काम कर रहा है। मयंक ने कहा कि अथर्व एपल कंपनी के तकनिकी कोड और लाइसेंस देगा ताकि उसकी की एप्लीकेशन(स्क्रीन प्रजेंटेशन) को एपल प्रोड्क्टस सपोर्ट कर सके।उसने उसके द्वारा तैयार की एप्लीकेशन को एपल सीइओ टिम कुक से लांचिंग का झांसा भी दिया।

वर्ष 2020 में एपल के लेटरड हेड पर एक पार्टनरशिप का अनुबंध बनाया जिस पर टिम कुक के फर्जी हस्ताक्षर थे। उससे कहा कि एपल की शर्त है कि पार्टनरशिप के लिए कंपनी के शेयर खरीदने होंगे।उसने कहा कि एपल 70 अरब से ज्यादा मुल्य की कंपनी या लोकहित में एनजीओ सी अनुबंध करती है।उसने फर्जी एनजीओ बनाया और पॉल से रुपये ले लिए।उसने फर्जी पेनकार्ड,टैक्स रिटर्न और अथर्व व एसिया हैड मैथिस से मीटिंग के नाम पर भी रुपये ले लिए।

कंपनी के ड्रेस कोड और पेटेंट के नाम पर भी रुपये ऐंठे

पॉल शेपर्ड की तरफ से आवेदन देने वाले रुपेश शर्मा के मुताबिक आरोपित ने कहा कि एप का विमोचन टिम कुक करेंगे इसलिए सभी कर्मचारियों को एपल कंपनी की ड्रेस,बैग्स लेने होंगे। उसने एप(स्क्रीन प्रजेंटेसन) को पेटेंट करवाने का भी झांसा दिया। यह भी कहा कि वह एपल की वर्चुअल असिस्टेंस सिरी की तरह एआरआइ एप बनाएगा जो 145 भाषाओं को सपोर्ट करेगी।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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