इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि, Indore Crime News। क्षिप्रा थाना पुलिस ने बरलाई जागीर सोसायटी में गबन करके फरार हुए आरोपित नवल सिंह पिता हेम सिंह मंडलोई को गिरफ्तार कर लिया है। ग्राम बरलाई जागीर निवासी 56 साल के नवलसिंह ने 21 लाख 63 हजार रुपये का गबन किया था और वह पिछले चार महीने से फरार था।

डीआइजी मनीष कपूरिया के निर्देश पर धोखाधड़ी मामलों की जांच में जुटी पुलिस ने एसपी महेशचंद जैन, एएसपी महू पुनीत गेहलोद के मागदर्शन में एसडीओपी पंकज दीक्षित और क्षिप्रा थाना प्रभारी गिरजाशंकर महोबिया की टीम ने आरोपित को पकड़ने में सफलता प्राप्त की। थाना प्रभारी महोबिया ने बताया कि नवलसिंह के खिलाफ 24 जून को अपराध पंजीबध्द करके विवेचना में लिया था। तब से पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी। शुक्रवार को मुखबिर से सूचना मिलने के बाद आरोपित को पकड़ लिया। इस कार्रवाई में सउनि दिलीप यदुवंशी, प्रधान आरक्षक जितेंद्र चौहान, आरक्षक वीरेंद्र पवार, जयदीप की महत्वपूर्ण भूमिका रही।


पांच दलालों को बाउंड ओवर कर छोड़ा

डायरी वाले प्लाटों का विक्रय करने वाले प्रापर्टी ब्रोकरों के खिलाफ प्रशासन ने बाउंड ओवर की कार्रवाई की है। जबकि एक दलाल को जेल भेजा गया है। जानकारी के अनुसार कलेक्टर मनीष सिंह के निर्देश पर पिछले दिनों नौ दलालों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किये गए थे। ये दलाल डायरियों पर कई कालोनियों के प्लाट बेच चुके थे। आने वाले समय में निवेशकों के साथ धोखाधड़ी कर सकते थे। जिनके बाद इनके खिलाफ कार्रवाई की गई थी। गुरुवार को इसमें से छह दलालों संजय मालानी, सुनील जैन, गौतम जैन, गणेश खंडेलवाल, कमल गोयल और उमेश डेमला की अपर कलेक्टर राजेश राठौर की कोर्ट में पेशी हुई। जिसमें उमेश डेमला को छोड शेष पांच दलालों का बांउड ओवर किया गया। जबकि जांच में सहयोग नहीं करने पर उमेश डेमला को जेल भेज दिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि सबसे अधिक प्लाट उमेश डेमला ने ही बेचा था। उसने कई रेडीमेड व्यापारियों के साथ इस तरह ठगी की थी। शुक्रवार को दो और दलालों की अपर कलेक्टर राठौर की कोर्ट में पेशी है।

Posted By: gajendra.nagar

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