इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। देव दीपावली कार्तिक पूर्णिमा पर इस वर्ष 30 नवंबर को मनाई जाएगी। पूर्णिमा तिथि 29 नवंबर को दोपहर 3 बजकर 9 मिनट से शुरू होगी जो 30 नवंबर 4 बजकर 35 मिनट तक रहेगी। उदया तिथि में पूर्णिमा 30 नवंबर को रहने से इस दिन देव दीपावली कार्तिक पूर्णिमा एक मत से मनाई जा रही है। इस दिन गुरुनानक जयंती भी रहेगी। कुछ पंचांगों ने इस दिन मान्ध चंद्रग्रहण बताया गया है, लेकिन इसका धार्मिक दृष्टि से कोई महत्व नहीं है। यह भारत में दिखाई नहीं देगा। इसके चलते किसी प्रकार का यम-नियम, सूतक आदि लागू नहीं होगा।

चार घंटे 18 मिनट रहेगा ग्रहण

ज्योतिर्विद विजय अड़ीचवाल के मुताबिक ग्रहण की शुरुआत 30 नवंबर को दोपहर 1.04 बजे से होगी। मध्यकाल दोपहर 3.13 बजे और ग्रहण का समापन शाम 5.22 बजे होगा। अधिकांश पंचांगों ने इसका उल्लेख नहीं किया। जिन पंचांगों ने इसका उल्लेख किया है उसने भी धार्मिक दृष्टि से इसे महत्वहीन बताया है। साल का यह आखरी चंद्र ग्रहण एक उपछाया ग्रहण है। मंद पढ़ने के क्रिया को मान्ध कहा जाता है। मान्ध चंद्र ग्रहण होने से यह चंद्रमा को धुंधला ही कर पाएगा और चंद्रमा की कला में कोई कमी नहीं आएगी।

कार्तिक पूर्णिमा का विशेष महत्व

हिंदू धर्म में कार्तिक पूर्णिमा का विशेष महत्व है, इसलिए इन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। पूर्णिमा पर घर की साफ सफाई करने के बाद मुख्य द्वार की चौखट पर हल्दी का पानी डालना चाहिए। इसके बाद मुख्य द्वार पर दोनों तरफ स्वास्तिक बनाकर पूजा करें और रंगोली बनाएं। इसके साथ ही आम पत्तों को तोरण भी लगाएं। मान्यता है कि एेसा करने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होकर घर में प्रवेश करती हैं। इस दिन बहते पानी में दीप दान का भी विशेष महत्व है। साथ ही भगवान शिव के मंदिर में शिवलिंग पर शहद, गंगाजल, कच्चा दूध और पानी चढ़ाएं। इस दिन तुलसी बैकुंठधाम गई थीं इसलिए उन्हें माता लक्ष्मी का स्वरूप मानकर पूजन करना चाहिए।

Posted By: dinesh.sharma

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