इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। मोतिबिंद ऑपरेशन फेल होने वाले एक और मरीज बालमुकुंद वैष्णव की आंख निकालनी पड़ी। राजगढ़ जिले के जीरापुर निवासी वैष्णव खुद डॉक्टर हैं। उन्होंने पांच अगस्त को इंदौर आई अस्पताल में ही मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराया था। इसके बाद आंख में सूजन व संक्रमण होने से दिखाई देना बंद हो गया था। वैष्णव आंख निकालने के बाद से तनाव में हैं और उन्होंने खाना-पीना तक छोड़ दिया है।

इंदौर आई अस्पताल में मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराने वाले 15 में से चार मरीजों की आंख निकालनी पड़ी है। इससे पहले सरकारी कैंप में इलाज के लिए पहुंचे धार के मोहन भील, निजी खर्च से मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराने वाली इंदौर निवासी मुन्नी बाई व राधा बाई की आंख भी संक्रमण अधिक फैलने के कारण निकाली जा चुकी है।

बालमुकुंद के बेटे आशुतोष ने बताया कि इंदौर आई अस्पताल में ऑपरेशन के बाद छह अगस्त को पिता सूजन की शिकायत लेकर पहुंचे थे। डॉक्टरों ने हल्की सूजन बताकर इलाज किया, लेकिन फायदा नहीं हुआ। आठ अगस्त को फिर इंजेक्शन दिया और कल्चर रिपोर्ट में जानकारी मिलने की बात कही। इसके बाद हमें अन्य ऑपरेशन बिगड़ने की जानकारी मिली। हम भी चोइथराम नेत्रालय पहुंचे, जहां से चेन्नई भेजा गया।

आंख निकालने का सुनकर हो गए बेहोश

आशुतोष के मुताबिक चेन्नई में जब डॉक्टरों ने कहा कि संक्रमण के कारण आंख निकालनी पड़ेगी तो मेरे पापा बेहोश हो गए। उन्होंने पूरी जिंदगी लोगों की मदद की। जीरापुर गांव में बीएचएमएस प्रैक्टिस कई साल से कर रहे हैं। बाईं आंख में भी मोतियाबिंद है। अब दूसरी आंख से वे 10 से 12 मीटर दूर तक ही साफ देख पाते हैं। पापा ने जीरापुर के पास एक गांव गोद ले रखा है, वहां वे 10 से 20 रुपए में इलाज करते हैं। अभी वे तनाव के कारण कुछ खा नहीं पा रहे। रविवार को चेन्नई से लौटने के बाद इंदौर में ही थे। मंगलवार को वे छोटे भाई के साथ जीरापुर लौटे।

जांच के लिए अस्पताल पहुंची टीम

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन भोपाल से आई एक टीम मंगलवार को इंदौर आई अस्पताल पहुंची। टीम में डॉ. दीपक पिप्पल, डॉ. अभिषेक जीनवाल व डॉ. पारस रावत शामिल रहे। टीम ने अस्पताल का रिकॉर्ड देखा, मरीजों की सुरक्षा के इंतजाम, ऑपरेशन थिएटर की सफाई, उपकरणों की जांच रिपोर्ट, प्री ऑपरेशन व्यवस्था, दवाई के बैच की जांच, ऑपरेशन कराने वाले मरीजों की जानकारी ली। टीम ने अस्पताल में नियमों के पालन होने की जानकारी लेकर प्रबंधन व डॉक्टरों से भी चर्चा की। लगभग तीन घंटे टीम अस्पताल में रही। जांच रिपोर्ट राज्य शासन को भेजी जाएगी।

Posted By: Nai Dunia News Network

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

जीतेगा भारत हारेगा कोरोना
जीतेगा भारत हारेगा कोरोना