इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। मोतियाबिंद ऑपरेशन बिगड़ने के बाद उपचार ले रहे आठ मरीजों को जांच के लिए सोमवार को चोइथराम नेत्रालय लाया गया। इनमें से रामी बाई की आंख की रोशनी में तेजी से सुधार हो रहा है। अन्य मरीजों की भी जांच की गई। चोइथराम नेत्रालय के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. अश्विनी वर्मा ने बताया बाकी मरीजों की आंख की रोशनी में भी सुधार दिख रहा है। तीन मरीजों को आंख में इंजेक्शन भी लगाया गया।

इंदौर आई अस्पताल में आठ अगस्त को धार से आए 11 मरीजों का मोतियाबिंद का ऑपरेशन किया गया था। नौ अगस्त को सभी मरीजों की आंख में सूजन आई और दिखाई देना भी बंद हो गया। अस्पताल प्रबंधन व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने जानकारी के बावजूद उन्हें किसी अन्य जगह इलाज के लिए नहीं भेजा। 13 अगस्त को इंदौर आई अस्पताल का ओटी सील करने के बाद भी मरीजों का इलाज वहीं किया गया। मामला प्रकाश में आने के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया।

स्वास्थ्य मंत्री ने 17 अगस्त को जानकारी लगने पर सभी मरीजों को चोइथराम नेत्रालय में भर्ती कराया। चेन्नई स्थित शंकर नेत्रालय के डॉ. राजीव रमन को बुलाकर उनका इलाज भी कराया। कैंप में ऑपरेशन कराने वाले तीन मरीज व अपने खर्च पर ऑपरेशन कराने वाले दो मरीजों को चेन्नई रैफर किया गया। वहां एक मरीज की आंख निकालनी पड़ी थी। बाकी को आर्टिफिशियल कार्निया लगाया गया। इंदौर में भर्ती आठ मरीजों की शनिवार को छुट्टी कर दी गई थी। इसके बाद वे सोमवार को फालोअप के लिए पहुंचे थे।

Posted By: Nai Dunia News Network

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