इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। इंदौर आई अस्पताल में मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद आंख की रोशनी खोने वाले सभी 11 मरीजों की जांच रविवार को चेन्नई से आए डॉ. राजीव रमन ने चोइथराम नेत्रालय में की। डॉ. रमन के अनुसार जिस स्यूडोमोनास एरुजिनोसा बैक्टीरिया का संक्रमण मरीजों की आंख में हुआ है, वह बेहद ही खतरनाक होता है। वह 24 घंटे में ही मरीज की आंख को खराब कर सकता है।

सर्जरी बेहतर की गई थी, लेकिन बैक्टीरिया ने किसी सोर्स से प्रवेश किया है। तीन मरीजों की आंख में सबसे अधिक संक्रमण हुआ है। सोमवार को विमान से इन तीनों को चेन्नई भेजा जाएगा। शेष आठ मरीजों में से चार का दोबारा ऑपरेशन किया गया। चार मरीजों को सिर्फ दवाइयों से ठीक करने का प्रयास किया जा रहा है। चार मरीजों की आंख की रोशनी लौटने की पूरी उम्मीद है। वे खुद इंदौर में रहकर उनका ऑपरेशन करेंगे।

दोपहर में स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट भी अस्पताल पहुंचे और मरीजों से मुलाकात की। मरीजों ने जब बताया कि एक बार ऑपरेशन होने के पांच से छह बार उन्हें दोबारा ओटी में ले जाया गया। इस पर मंत्री अंधत्व निवारण जिला नोडल अधिकारी डॉ. टीएस होरा पर भड़क गए। उन्होंने इसका कारण पूछा, साथ ही एक अगस्त से अभी तक कितने ऑपरेशन उस अस्पताल में हुए, इन सभी की जानकारी मांगी।

उन्होंने मरीजों को इलाज का भरोसा दिलाया। मरीजों ने बताया कि उन्हें पांच दिन तक सही जानकारी नहीं दी। इसके बाद मंत्री ने डॉ. होरा को निलंबित करने का आदेश दे दिया। साथ ही सबके सामने फटकार लगाई। मंत्री ने उनसे जानकारी छिपाने को लेकर जवाब मांगा लेकिन वे सिर्फ यही दोहराते रहे कि इलाज चल रहा था। इसके अलावा अंधत्व निवारण प्रदेश नोडल अधिकारी डॉ. हेमंत सिन्हा, धार सीएमएचओ डॉ. एसके सरल व इंदौर सीएमएचओ डॉ. प्रवीण जड़िया को नोटिस जारी किया गया।

इन मरीजों को भेजा जाएगा चेन्नई

चोइथराम अस्पताल के डॉ. अश्विनी वर्मा ने बताया कि गंभीर संक्रमण होने के कारण मरीज हरपाल दास, मनोहर व मोहन को अटेंडर के साथ चेन्नई के शंकर नेत्र चिकित्सालय भेजा जाएगा। रविवार रात तक चार मरीजों सुशीला बाई, राधेश्याम, कालीबाई व कलाबाई का ऑपरेशन किया गया।

- 11 में से तीन मरीजों को भेजा जाएगा चेन्नई

- आठ का इंदौर में ही होगा ऑपरेशन

- स्वास्थ्य मंत्री ने जिला अंधत्व निवारण नोडल अधिकारी को किया निलंबित

- प्रदेश अंधत्व निवारण नोडल अधिकारी, धार सीएमएचओ व इंदौर सीएमएचओ को कारण बताओ नोटिस

- दो मरीजों को इलाज के बाद हो रहा फायदा

- बगैर अनुमति स्वास्थ शिविर लगाने पूरे प्रदेश में लगाई रोक

Posted By: Nai Dunia News Network