*पत्नी जसमीना पुलिस को चकमा देकर फरार हो गई

*एनआरआई निवेशक बनकर इंवेस्टर्स समिट में भाग ले चुका

इंदौर। नईदुनिया प्रतिनिधि

फर्जी दस्तावेज बनाने, षड्यंत्र और धोखाधड़ी करने के आरोप में उद्योगपति प्रेम आइलदासानी को कोर्ट ने पांच दिन के रिमांड पर पुलिस को सौंप दिया है। पलासिया थाना पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर उसे गुरुवार को कोर्ट में पेश किया था। यह भी जानकारी मिली है कि आइलदासानी इससे पहले दिल्ली और ब्रिटेन में भी कंपनियां बनाकर और बंद कर लोगों को ठग चुका है। वह एनआरआई निवेशक बनकर इंवेस्टर्स समिट में भाग ले चुका है।

एक दिन पहले ही आइलदासानी दंपती को 15 से ज्यादा लोगों की शिकायतों के बाद पुलिस ने हिरासत में लिया था। हालांकि उद्योगपति प्रेम आइलदासानी की पत्नी जसमीना पुलिस को चकमा देकर फरार हो गई। प्रेम ने पीथमपुर में बालाजी स्टेरॉइड्स नाम से कंपनी बनाई। कंपनी का ड्रिस्ट्रीब्यूटर बनाने व सालाना करोड़ों के मुनाफे का लालच देकर लोगों से करोड़ों रुपए ठग लिए। कंपनी का सिटी ऑफिस भी आइलदासानी बंद कर चुका है। इससे पहले गोपनीय दस्तावेज और फॉर्मूले चोरी के आरोप में उद्योगपति के खिलाफ पीथमपुर की दवा कंपनी सिंबायोटेक भी एफआईआर दर्ज करवा चुकी है। जांच के दौरान पुलिस के पास कुछ लोग जानकारी लेकर पहुंचे कि प्रेम आइलदासानी ने 2004 में तायोबी इंटरनेशनल के नाम पर ब्रिटेन में एक कंपनी रजिस्टर्ड करवा चुका है। इसके बाद उसने खुद को दिल्ली में एनआरआई उद्योगपति करार देकर करोड़ों के निवेश का दावा किया था। 2003 में दिल्ली में उसने इसी तर्ज पर सती फार्मा स्थापित कर कैंसर और एचआईवी की दवा बनाने का दावा किया था। बाद में वहां से भी कंपनी बंद कर फरार हो गया था। अन्य शहरों में चेक बाउंस के करीब सौ प्रकरण उस पर लंबित हैं।

नहीं सुनी शिकायत

शिकायतकर्ता लोगों के अनुसार एकेवीएन व उद्योग विभाग से जुड़े अधिकारियों ने पहले आइलदासानी को इंवेस्टर्स समिट में बड़ा निवेशक बताकर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मिलवाया। जमीन से लेकर ऋण दिलाने तक में मदद की। बीते माह मैग्निफिसेंट एमपी से पहले भी कुछ लोग उद्योगपति की शिकायत लेकर अधिकारियों के पास पहुंचे थे लेकिन शिकायतकर्ताओं को बैरंग लौटा दिया गया था। आइलदासानी भी अधिकारियों व नेताओं से संपर्क का फायदा उठाकर कई लोगों से रुपए हड़पता रहा।

Posted By: Nai Dunia News Network