इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। दिल की बीमारी से जूझ रही मुंबई की पांच साल की बच्ची के लिए मंगलवार का दिन खास था। देवास जिले के बागली के पास ग्राम पिपलिया लाहौर में रहने वाले किराना व्यापारी खुमसिंह सोलंकी के ब्रेनडेड होने के बाद मंगलवार शाम उनका दिल मुंबई के एक अस्पताल में भर्ती इस बच्ची के लिए भेजा गया। फेफड़े हैदराबाद के 42 वर्षीय व्यक्ति को और लिवर चोइथराम अस्पताल में भर्ती इंदौर निवासी 58 वर्षीय व्यक्ति को लगाए गए। व्यापारी की दोनों किडनी भी दान कर दी गईं। एक किडनी शैल्बी अस्पताल में भर्ती 65 वर्षीय पुरुष और दूसरी किडनी बाम्बे अस्पताल में भर्ती रतलाम निवासी 41 वर्षीय व्यक्ति को लगाई गईं।

मंगलवार को शहर में चार ग्रीन कारिडोर बने। बाम्बे अस्पताल से एयरपोर्ट तक दिल को पहुंचाने में 16 मिनट का समय लगा तो फेफड़ों को एयरपोर्ट तक पहुंचने में 14 मिनट लगे। यह 42वां मौका था, जब शहर में ग्रीन कारिडोर बना।

सोलंकी उदय नगर के करीब सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। स्वजन उन्हें 28 नवंबर को इलाज के लिए इंदौर के बाम्बे अस्पताल लेकर पहुंचे। इलाज के दौरान चिकित्सकों ने सोलंकी को ब्रेनडेड घोषित कर दिया। मुस्कान ग्रुप के सदस्यों को यह जानकारी लगी तो वे अस्पताल पहुंचे और स्वजन को सोलंकी के अंगदान के लिए प्रेरित किया।

ग्रुप के जीतू बागानी ने बताया कि सोलंकी की पत्नी राय कुंवर तो इसके लिए राजी हो गईं लेकिन अन्य स्वजन तैयार नहीं थे। हमने उन्हें समझाया कि सोलंकी के अंगदान कर वे कई लोगों को जिंदगी दे सकते हैं। स्वजन के तैयार होते ही सोलंकी के अंगों के लिए पात्र व्यक्तियों की तलाश शुरू हुई। वरीयता सूची के अनुसार सोलंकी का दिल एचएन रिलायंस हास्पिटल मुंबई में भर्ती पांच साल की बच्ची के लिए, फेफड़े केईएमएस अस्पताल हैदराबाद में भर्ती 42 वर्षीय व्यक्ति के लिए, लिवर चोइथराम अस्पताल में भर्ती 58 वर्षीय व्यक्ति के लिए रवाना किए गए। सोलंकी के परिवार में तीन बेटियां और एक बेटा है।

चार ग्रीन कारिडोर बने

मंगलवार शाम करीब 5.25 से 6.10 बजे के बीच शहर में चार ग्रीन कारिडोर बने। दो कारिडोर बाम्बे अस्पताल से एयरपोर्ट के लिए बने, जबकि तीसरा बाम्बे अस्पताल से चोइथराम और चौथा शैल्बी अस्पताल के लिए बना। दिल को एयरपोर्ट तक पहुंचाने में 16 और फेफड़ों को 14 मिनट लगे। लिवर बाम्बे अस्पताल से चोइथराम अस्पताल 15 मिनट में पहुंच गया। सोलंकी के नेत्र एमके आइ बैंक और त्वचा चोइथराम अस्पताल को दिए गए।

दिल नियमित उड़ान से गया जबकि फेफड़ों के लिए आया विशेष विमान

सोलंकी का दिल इंदौर से मुंबई की नियमित उड़ान से रवाना किया गया जबकि फैंफडे प्राप्त करने के लिए हैदराबाद से विशेष विमान आया था। हैदराबाद से डा. प्रेम अनंत, डा. उमिल शाह, सहित पांच सदस्यों का दिल इंदौर पहुंचा था। दिल प्राप्त करने के लिए डा. संदीप सिन्हा अपनी चार सदस्यीय टीम के साथ सुबह करीब साढ़े 10 बजे ही इंदौर पहुुंच गए थे।

42वां मौका था जब शहर में बना ग्रीन कारिडोर

यह 42वां मौका था जब इंदौर में ग्रीन कारिडोर बना। लाकडाउन के दौरान एक भी अंगदान नहीं हो सका था। शहर के अनलाक होते ही एक बार फिर अंगदान का सिलसिला शुरू हो गया है।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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