Indore Health News: इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। मौसम बदलने के साथ शहर में डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। मुश्किल उनके इलाज में हो रही है जिन्हें डेंगू के साथ कोरोना भी हो रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक पिछले दो माह में ऐसे करीब 18 मरीज सामने आ चुके हैं जिन्हें दोनों ही बीमारियां हैं।

अरबिंदो मेडिकल कॉलेज के छाती रोग के विभागाध्यक्ष डॉ. रवि डोसी के मुताबिक ऐसे मरीजों को आइसीयू में रखना पड़ रहा है। डेंगू में मरीजों के प्लेटलेट्स कम होने लगते हैं, इस वजह से उन्हें प्लाज्मा देना पड़ता है जिससे उसका खून गाढ़ा होता है।

वहीं कोरोना संक्रमण के इलाज के दौरान मरीज को खून पतला होने की दवा दी जाती है। दोनों ही बीमारियों में विरोधाभास होने के कारण डॉक्टरों को ऐसे मरीजों का काफी सावधानी से इलाज करना पड़ रहा है। कोरोना संक्रमित मरीज दो से तीन दिन में रिकवर होने लगता है जबकि कोरोना के साथ डेंगू होने पर छह से सात दिन बाद स्वास्थ्य में सुधार दिखता है।

लक्षण भी एक जैसे

डॉक्टरों के मुताबिक कोरोना व डेंगू के लक्षण भी मिलते-जुलते हैं। मरीज को तीन से सात दिन तक बुखार आता है, कमजोरी और बदन दर्द व सांस लेने में परेशानी होती है।

सर्वे टीमें बढ़ाएंगे

जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. दौलत पटेल के मुताबिक डेंगू के 55 सैंपल में से 9 केस निकल रहे हैं। अक्टूबर व नवंबर में डेंगू के लार्वा तेजी से पनपता है। 14 टीमें रोज 14 कॉलोनियों में लार्वा का सर्वे करती हैं। इंदौर शहर के लिए सर्वे टीम की संख्या अपर्याप्त है। हम एनजीओ से बात कर रहे हैं ताकि सर्वे की टीमें बढ़ा सकें।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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