एजुकेशन के साथ अब इंदौर बना 'एप्लीकेशन हब'

-आईफोन और एंड्रॉयड फोन के लिए शहर में बन रहीं एप्लीकेशन

-विदेशों से शहर के डेवलपर्स को मिल रहे प्रोजेक्ट

आशीष अस्टोनकर

इंदौर। एजुकेशन हब के रूप में पहचान बनाने वाला इंदौर अब मोबाइल फोन एप्लीकेशन का हब बनता जा रहा है। एजुकेशन, मेडिकल, गेमिंग, सोशल मीडिया जैसे मल्टी एप्लीकेशन डेवलपिंग का काम शहर में बड़े पैमाने पर होने लगा है। अब सिलिकॉन वैली से लेकर अन्य कई विदेशी कंपनियां इंदौर में एप्लीकेशन डेवलपमेंट और सर्विसेस के प्रोजेक्ट दे रही हैं। इससे शहर के युवाओं को रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। वहीं शहर की छोटी कंपनियां भी आईफोन और गूगल जैसे ओएस प्लेटफॉर्म के लिए काम कर रही हैं।

एजुकेशन सेक्टर में सबसे ज्यादा डिमांड

एक्सपर्ट्स के अनुसार देश और विदेशों में मोबाइल फोन और 3जी के बढ़ते उपयोग के कारण एप्लीकेशन का ट्रेंड बढ़ता जा रहा है। अब अधिकतर कंपनियां मल्टी फीचर्स एप्लीकेशन की डिमांड कर रही हैं। इसमें एजुकेशन से लेकर हर सेक्टर के बारे में कुछ यूनिक फीचर्स शामिल हैं। इसमें सबसे ज्यादा एजुकेशन सेक्टर की एप्लीकेशन की डिमांड है। इसमें कोचिंग क्लासेस और कॉलेजों की यह एप्लीकेशन डेवलप की जा रही है। इसमें मॉक टेस्ट, नोट्स से लेकर हर नई अपडेट एप्लीकेशन के जरिए दी जा रही है। इंदौर में इन एप्लीकेशन को डेवलप करने के साथ इसकी सर्विस भी प्रोवाइड की जा रही है।

सिलिकॉन वैली से मिल रहे प्रोजेक्ट

बीड्कवरी के अवनीष तिवारी कहते हैं कि शहर में अब सिलिकॉन वैली से भी मोबाइल एप्लीकेशन डेवलपिंग के प्रोजेक्ट आ रहे हैं। आज शहर में 10 से ज्यादा बड़ी कंपनियां वर्क कर रही हैं। वहीं इंजीनियरिंग और एमसीए स्टूडेंट्स की 100 से ज्यादा छोटी कंपनियां भी एप्लीकेशन डेवलपिंग का काम कर रही हैं। इसमें सिलिकॉन वैली और दूसरे देशों से मेडिकल, एजुकेशन, बिजनेस सेक्टर की काफी डिमांड है। वहीं अब शहर में आईफोन और एंड्राय सिस्टम की कई एप्लीकेशन के लिए सर्विस भी दी जा रही है। मेडिकल सेक्टर की एप्लीकेशन की डिमांड सबसे ज्यादा विदेशों में है।

25 डॉलर प्रतिघंटा तक फीस

श्री तिवारी कहते हैं कि शहर में कई छोटी कंपनियां होने के कारण अब फ्रेशर्स और प्रोफेशनल्स दोनों को बेहतर जॉब मिल रही हैं। जहां छोटी कंपनियों में 2 लाख से 3 लाख तक के पैकेज मिल रहे है। वहीं बड़ी कंपनियों में स्टूडेंट्स के कैम्पस प्लेसमेंट होने पर उन्हें 4 लाख रुपए तक का ऑफर भी मिल रहा है।

इसके लिए स्टूडेंट्स के प्रोजेक्ट और एप्लीकेशन डेवलपमेंट के नॉलेज को देखा जा रहा है। आज एक एप्लीकेशन के लिए 25 डॉलर प्रति घंटा तक दिए जा रहे हैं।

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