Indore ke Shilpi: राधेश्याम साबू, इंदौर। सरकारी अस्पतालों में मरीजों को उपचार तो मिल जाता है, लेकिन कई जरूरतमंद दवाइयां नहीं खरीद पाते हैं। उनके पास जांचें कराने के लिए पैसा नहीं होता। खाने-पीने की सामग्री के लिए भी परेशान होना पड़ता है। इस परेशानी को जब इंदौर के राधेश्याम बिरदीचंद साबू ने देखा और उनकी पीड़ा को अहसास किया तो मन में इनकी मदद करने की भावना जाग्रत हुई। इसके लिए परपीड़ा हर वेलफेयर सोसायटी समिति गठित कर कार्य शुरू कर दिया। इससे शहर के दानदाताओं और समाजसेवी को जोड़ा।

राधेश्याम साबू का कहना है कि शुरुआत में यह बहुत चुनौतीभरा था, लेकिन जैसे-जैसे जरूरतमंदों को सहायता मिलने लगी, इंदौर के कई और समाजसेवी साथ हो गए। जनसहयोग से एमवाय अस्पताल, एमटीएच अस्पताल सहित भोपाल के भी सरकारी अस्पतालों में लाखों रुपये के उपकरण और साधन उपलब्ध कराए। समाजसेवा के साथ ही सामाजिक संस्थाओं में भी सक्रिय कार्य किया। सालों तक माहेश्वरी समाज के मुखपत्र के साथ जुड़े रहे। एमवाय अस्पताल में सीटी स्कैन, एमआरआइ, पौष्टिक आहार, गरीब और विधवाओं की मदद के साथ ही एक करोड़ रुपये से ज्यादा की सहायता राधेश्याम साबू ने उपलब्ध कराने में मदद की। एमवाय अस्पताल में दूध गर्म कर देने जैसी छोटी सी मदद से शुरू हुई मुहिम आज महंगे संसाधन उपलब्ध कराने तक पहुंच गई है।

साबू ने कुछ सालों में ऐसे दानदाताओं को यहां से जोड़ा है जो समय-समय पर जरूरतों को पूरा करते हैं। इससे शासन को भी बड़ा सहयोग मिला और अस्पताल प्रबंधन को भी। ऐसी कई दवाइयां और संसाधन होते हैं जिनके लिए शासन के पास बजट नहीं रहता। उनकी व्यवस्था भी कराई जा रही है। जिन मरीजों के पास कुछ नहीं रहता, जरूरत पड़ने पर वे संस्था परपीड़ा हर से संपर्क करते हैं। अस्पताल में कुछ साल पहले पीआइसीयू में आग लग गई थी। इसमें कई उपकरण जल गए थे। बच्चों को तुरंत इलाज मिल सके इसके लिए भी हाथों-हाथ उपकरण उपलब्ध कराने में संस्था ने मदद की। साथ ही वेंटीलेटर और दवाइयां भी उपलब्ध करा रहे हैं।

एमटीएच अस्पताल में कूलर और बैठने की व्यवस्था करने के साथ ही ब्लैक फंगस के आपरेशन के लिए लाखों रुपये की दो मशीनें उपलब्ध कराईं। इससे जिस आपरेशन में दो से तीन घंटे का समय लग रहा था वे कुछ मिनटों में होने लगे। विधवा महिलाओं और जरूरतमंदों को कई वर्षों से दीपावली और संक्रांति पर राशन उपलब्ध करा रहे हैं। दिल के इलाज के लिए भी मशीनें उपलब्ध कराने के साथ ही अस्पतालों के खराब हो चुके उपकरणों को भी सही कराने में योगदान दे रहे हैं। सरकारी अस्पतालों में नेकी का बाक्स तैयार किया गया है, जिसमें उपचार के बाद कई मरीज और स्वजन दूसरे मरीजों को जरूरत की सामग्री देते हैं।

सीएम कर चुके सम्मानित - संस्था परपीड़ा हर द्वारा कोरोना महामारी में भी अस्पतालों और मरीजों को हर तरह की सहायता उपलब्ध कराई गई। एमवाय अस्पताल को 400 पीपीई किट, 500 सैनिटाइजर, 500 हैंडवाश, 600 डिस्पोजेबल बेडशीट और 200 डाक्टर्स के लिए ड्रेस भेंट की गई थीं। राधेश्याम साबू को मुख्यमंत्री द्वारा महेश रत्न से सम्मानित किया जा चुका है। राज्यपाल द्वारा विशिष्ठ हिंदी सेवा सम्मान भी मिल चुका है। लोकसभा की पूर्व स्पीकर सुमित्रा महाजन और इंटरनेशनल एसोसिएशन आफ लायंस क्लब द्वारा मानवीय सेवा सम्मान और इंस्टीट्यूट आफ चार्टर्ड अकाउंटेंट आफ इंडिया द्वारा सम्मानित किया जा चुका है।

Posted By: Hemraj Yadav

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