Indore Lockdown : इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। कोरोना वायरस के संक्रमण के खतरे को देखते हुए चोइथराम सब्जी मंडी के व्यापारियों द्वारा 25 से 31 मार्च तक सब्जी मंडी बंद रखने के एलान का उल्टा असर हुआ। मंगलवार को 15 हजार से ज्यादा लोग सब्जियां खरीदने मंडी पहुंच गए, जबकि शहर में लॉकडाउन था। इस घटना से प्रशासन और पुलिस की सख्ती पर भी बड़ा सवाल खड़ा हो गया। अफरातफरी का माहौल बनने पर संभागायुक्त, आईजी, कलेक्टर, डीआईजी, एसडीएम, सीएसपी सहित कई अधिकारी सब्जी मंडी पहुंचे और व्यापारियों के साथ बैठक की। संभागायुक्त आकाश त्रिपाठी ने सब्जी व्यापारियों को चेतावनी दी कि जनता के लिए सब्जी अति आवश्यक वस्तु है। इसलिए सब्जी मंडी इस तरह बंद नहीं की जा सकती। सब्जियों की आवक जारी रहेगी। थोक मंडी में खेरची दुकानदारों के कारण भीड़ हो रही है तो इसका विकल्प खोजा गया है। खेरची सब्जी बेचने वाले दुकानदारों को मंडी के अंदर नहीं बैठने दिया जाएगा। सब्जी लेकर वे मंडी के बाहर बेचेंगे।

वाहनों को भी मंडी के अंदर नहीं आने दिया जाएगा। संकट के समय इस तरह मंडी बंद रखने का एकतरफा फैसला लेने पर सब्जी व्यापारी संगठनों के पदाधिकारियों पर कमिश्नर नाराज हुए। उन्होंने कहा कि मंडी बंद रखने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। आईजी विवेक शर्मा, कलेक्टर लोकेश कुमार जाटव, डीआईजी रुचिवर्धन मिश्र, एसडीएम रवि कुमार सिंह, मंडी बोर्ड के संयुक्त संचालक महेंद्र दीक्षित ने भी व्यापारियों से चर्चा की।

मंडी अधिकारियों की गैरहाजिरी पर नाराज हुए कमिश्नर

मंडी में दो-तीन दिन से अव्यवस्था फैल रही है, लेकिन व्यवस्था बनाने में मंडी अधिकारी नाकाम साबित हो रहे हैं। सब्जी मंडी व्यापारियों द्वारा मंडी बंद करने के बारे में लिखित आवेदन देने के बावजूद मंडी सचिव सक्रिय नहीं हुए। मंगलवार को जब कमिश्नर और कलेक्टर व्यापारियों से चर्चा के लिए चोइथराम मंडी पहुंचे, तब भी मंडी सचिव मानसिंह मुनिया और डिप्टी कलेक्टर नीरज खरे गैरहाजिर रहे। इस पर कमिश्नर नाराज हुए।

व्यापारियों में कोरोना का खौफ

मंडी में सब्जी की नीलामी के दौरान दलालों और खरीदारों की भीड़ रहती है। भीड़ के कारण कोरोना वायरस फैलने का डर व्यापारियों में भी है। सब्जी मंडी थोक व्यापारी कल्याण एसोसिएशन के अध्यक्ष सुंदरदास माखीजा ने कहा कि प्रशासन मंडी चालू रखने के लिए कह रहा है, लेकिन कोरोना से हमारी सुरक्षा कौन करेगा? मंडी में जब सब्जी की नीलामी होती है तो चारों ओर भीड़ रहती है। हम किसे रोक पाएंगे, इसीलिए मंडी बंद करने का निर्णय लिया था, लेकिन प्रशासन कह रहा है तो चालू रखना ही पड़ेगा। इंदौर फल व्यापारी संघ के सचिव अशोक धवन ने बताया कि कोरोना के बावजूद चोइथराम मंडी में हम पहले से फल मंडी चालू रखे हुए थे और लोगों की जरूरत को देखते हुए आगे भी फल मंडी चालू रखने का निर्णय लिया है।

सब्जी मंडी में व्यापारियों के मंडी बंद रखने के संदेश के कारण कंफ्यूजन हुआ। सब्जी अति आवश्यक वस्तुओं में शामिल होने से सब्जी मंडी बंद नहीं की जा सकती। तय किया है कि आगे से चोइथराम मंडी में नीलामी के समय केवल होलसेलर और रिटेलर व्यापारी ही रहेंगे। खेरची सब्जी बेचने वाले शहर में अलग-अलग जगह जाकर सब्जी बेचेंगे। खेरची सब्जी विक्रेताओं के लिए मंडी के बाहर व्यवस्था की जाएगी। वहां भी नियमों का पालन करते हुए दूर-दूर दुकान लगाकर सब्जी बेचेंगे। मालवा मिल और अन्य सब्जी मंडियों में भी ऐसी ही व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए गए हैं। आकाश त्रिपाठी, संभागायुक्त

Posted By: Nai Dunia News Network

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