इंदौर। आजाद नगर क्षेत्र में स्ट्रीट लाइट सुधार रहे नगर निगम के एक कर्मचारी को शनिवार को करंट लग गया था, जिसकी रविवार को मौत हो गई। इधर, घटना से गुस्साए मृतक के परिजन ने पूर्वी रिंग रोड स्थित बॉम्बे हॉस्पिटल में हंगामा कर चौराहे पर चक्काजाम कर दिया। वे परिवार को 10 लाख रुपए की सहायता और एक सदस्य को नगर निगम में नौकरी देने की मांग कर रहे थे। बाद में पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाइश दी और यातायात सुचारू कराया।

मामला निगम के विद्युत विभाग में कार्यरत कर्मचारी दिलीप सोलंकी (22) का है। शनिवार को करंट लगने के बाद उसे पहले गोकुलदास और फिर बॉम्बे हॉस्पिटल में गंभीर हालत में भर्ती कराया गया था जहां रविवार को मौत हो गई। मृतक के परिवार में उसके वृद्ध माता-पिता, पत्नी और छह महीने की बच्ची है। वह छह महीने पहले ही निगम में नौकरी पर लगा था। उसकी मौत के बाद परिवार को 10 लाख रुपए की सहायता राशि देने, बच्ची का बीमा कराने और परिवार के एक सदस्य को निगम में नौकरी देने की मांग करते हुए परिजन ने दोपहर 12.30 बजे बॉम्बे हॉस्पिटल चौराहे पर यातायात जाम कर दिया।

सभी लोग 'नगर निगम हाय-हाय' के नारे लगा रहे थे। आधे घंटे बाद लसूड़िया थाने के टीआई बल के साथ मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाकर जाम खुलवाया। इस दौरान काफी संख्या में निगम अधिकारी, मस्टरकर्मी संघ के सचिव प्रवीण तिवारी, निगमकर्मी भी मौके पर पहुंच गए।

कर्मी की मौत की सूचना मिलने पर अपर आयुक्त संदीप सोनी भी हॉस्पिटल पहुंचे और परिजन और निगम मस्टरकर्मी महासंघ के लोगों से बात की। परिजन और साथी कर्मियों ने उनसे कहा कि मृतक परिवार में एक ही कमाने वाला इनसान था। परिवार की आर्थिक स्थिति खराब है। परिजन को 10 लाख रुपए की नकद सहायता तुरंत दी जाए और एक सदस्य को निगम में नौकरी दी जाए। कर्मियों ने मांग की कि बारिश में कर्मियों को लाइट सुधारने के लिए खंभे पर नहीं चढ़ाया जाए, क्योंकि खंभे पर करंट रहता है। पहले भी इस तरह के तीन-चार हादसे हो चुके हैं।

प्रावधान के अनुसार पूरी सहायता करेंगे

अपर आयुक्त ने परिजन को बताया कि पूरा नगर निगम परिवार के साथ है। मैंने निर्देश दिए हैं कि प्रावधान के अनुसार परिवार को सवा दो लाख रुपए की सहायता दी जाए। सात दिन में यह राशि परिवार को उपलब्ध करा दी जाएगी। इसके अलावा निगमायुक्त आशीष सिंह ने परिवार को दो लाख रुपए की अतिरिक्त सहायता राशि देने के साथ पत्नी या मां को मस्टर की नौकरी देने के निर्देश दिए। मृतक कर्मी का पीएफ जल्द निकलवाकर परिवार को दिया जाएगा और जो प्रावधान हैं, उनका फायदा परिवार को देंगे। हॉस्पिटल में इलाज और अंत्येष्टि का खर्च भी निगम प्रशासन उठाएगा।

और सुरक्षा उपकरण जुटाएंगे

भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के सवाल पर अपर आयुक्त ने कहा कि कर्मियों को सभी सुरक्षा संसाधन दिए जाते हैं और तभी उन्हें काम करने दिया जाता है। फिर भी निगम प्रशासन कोशिश करेगा कि और सुरक्षा उपकरण उनके पास रहें ताकि बारिश के सीजन में और सावधानीपूर्वक काम किया जा सके।