इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। इंदौर नगर निगम देश का ऐसा पहला निकाय होगा जिसे विकास कार्यों के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की मंजूरी देगा। इस बारे में आरबीआई के डिप्टी गवर्नर ने सकारात्मक संकेत दिए हैं। अब तक कॉर्पोरेट और मल्टीनेशनल कंपनियां ही आरबीआई से एफडीआई की अनुमति लेती हैं। यह पहला मौका होगा जब किसी निकाय की योजनाओं में एफडीआई की अनुमति मिलेगी।मुंबई में गुरुवार को ग्रीन बॉण्ड को लेकर केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय ने देशभर के अग्रणी निकायों को आमंत्रित कर उन्हें बॉण्ड जारी करने, बीएसई और एनएसई में लिस्टेड होने संबंधी जानकारियां देने के लिए कार्यशाला का आयोजन किया। आयोजन के दौरान आरबीआई के डिप्टी गवर्नर से प्रदेश नगरीय विकास विभाग के प्रमुख सचिव संजय दुबे, आयुक्त पी. नरहरि और इंदौर के निगमायुक्त आशीष सिंह की भी चर्चा हुई।

तीनों अधिकारियों ने उन्हें इंदौर के ग्रीन मसाला बॉण्ड प्रोजेक्ट की जानकारी दी। सौर ऊर्जा से संबंधित इस योजना के लिए निगम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 500 करोड़ रुपए के ग्रीन मसाला बॉण्ड जारी करना चाहता है। इस राशि का उपयोग जलूद और यशवंत सागर में सौर ऊर्जा प्लांट लगाने में किया जाएगा। चर्चा के दौरान डिप्टी गवर्नर ने सकारात्मक संकेत दिए हैं। एफडीआई के लिए आरबीआई अनापत्ति प्रमाणपत्र देता है तो इंदौर नगर निगम ऐसा प्रमाणपत्र पाने वाला पहला निकाय होगा।

केंद्रीय सचिव ने इंदौर निगमायुक्त को किया सम्मानित

अधिकारियों का कहना है कि ज्यादातर नगरीय निकाय आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं जिससे विकास कार्य प्रभावित होते हैं। यही वजह है कि केंद्र और राज्य सरकार चाहती है कि निकायों को फंड जुटाने के लिए बॉण्ड लाने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। इसी कड़ी में मुंबई के एनएसई में कार्यशाला रखकर राज्य सरकार के विभाग प्रमुखों और बड़े निकायों के नुमाइंदों को इसकी विस्तार से जानकारी दी गई।

कार्यशाला के दौरान केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय के सचिव दुर्गाशंकर मिश्रा ने इंदौर निगमायुक्त सिंह को अमृत योजना के तहत एनएसई में 140 करोड़ रुपए के बॉण्ड लाने के लिए सम्मानित भी किया। इंदौर के अलावा सात अन्य शहरों के अधिकारियों को बॉण्ड लाने के लिए सम्मानित किया गया। कार्यशाला में बताया गया कि बीएसई, एनएसई में कोई निकाय कैसे लिस्टेड हो सकता है, इससे पहले उसका किस तरह विश्लेषण होगा, किन-किन दस्तावेजों की जरूरत होगी, निकाय का आकलन कैसे होगा और प्रक्रिया में किस-किस तरह की दिक्कतें आ सकती हैं? इसी बारे में केंद्रीय सचिव मिश्रा ने भी प्रेजेंटेशन दिया। मप्र नगरीय विकास विभाग के प्रमुख सचिव दुबे ने मध्यप्रदेश के निकायों के लिए बॉण्ड की योजना पर प्रेजेंटेशन दिया।

अब तक किसी निकाय में नहीं आया है एफडीआई

मुंबई में गुरुवार को आरबीआई के डिप्टी गवर्नर के साथ बैठक हुई जिसमें उन्हें ग्रीन मसाला बॉण्ड की जानकारी दी है। उन्होंने कहा है कि इस संबंध में नीतिगत फैसला लेना होगा। आरबीआई सकारात्मक रूप से निर्णय लेगा। अनुमति देने संबंधी प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजेंगे। राज्य सरकार पहले ही प्रस्ताव को लेकर आवेदन आरबीआई को दे चुकी है। इंदौर नगर निगम को यह स्वीकृति मिलती है तो वह देश का पहला शहर होगा जिसके निकाय को एफडीआई की मंजूरी मिलेगी। -पी. नरहरि, आयुक्त, नगरीय विकास विभाग

Posted By: Nai Dunia News Network