Indore News : इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। शनि की ढैया या साढ़े साती से पीड़ित व्यक्ति को अपने कर्मों को सुधारने के लिए शनिदेव की भक्ति, शनि कथा अवश्य श्रवण करनी चाहिए। यह बात शनिवार को शनि उपासक महामंडलेश्वर दादू महाराज ने रामबाग स्थित मस्त बजरंग मंदिर में आयोजित शनि कथा के दूसरे दिन कही। कथा प्रसंग में बताया कि सभी नवग्रह राजा विक्रमादित्य के सामने पहुंचे और अपना प्रश्न सामने रखा कि सबसे बड़ा और सबसे सर्वश्रेष्ठ कौन है। राजा उनकी बात सुनकर चिंता में पड़ गए।

इसी दौरान राजा ने एक युक्ति सोची और नौ धातु सोना, चांदी, कांसा, पीतल, शीशा रांगा, जस्ता, अभ्रक और लोहा के नौ आसान मंगवाए। सभी आसनों को क्रम से बिछा दिया। राजा ने सभी नवग्रह देवताओं से कहा कि आप अपने आसन पर विराजमान हो जाएं। लोहे का आसन सबसे पीछे था। तभी शनि देव ने समझ लिया कि राजा ने मुझे छोटा बना दिया है। इस निर्णय पर शनिदेव क्रोधित हुए और कहा कि तुमने भरी सभा में मेरा अपमान किया है। अतः अब तुम सावधान रहना। मैं ढैया के रूप मे ढाई वर्ष और साढ़े साती के रूप में साढ़े सात वर्ष तक हर किसी के जीवन काल में रहता हूं। राजा ने कहा कि जो होगा देखा जाएगा। आगे का प्रसंग कल की कथा में बताया जाएगा। पं. आनंद कुलकर्णी विट्ठल गुरुजी ने बताया कि कथा के बाद सभी भक्तों को सिद्ध अभिमंत्रित रुद्राक्ष का निशुल्क वितरण किया गया । इस अवसर पर श्यामराव सालुंके गुरुजी, सुबोध काटे, स्वप्निल गौड़, सरबजीत गौड़, राजेंद्र सोलंकी उपस्थित थे।

उषानगर में शनि जयंती महोत्सव शुरू

शनि जयंती के पावन अवसर पर गजासीन शनि मन्दिर उषानगर में तीन दिवसीय आयोजन का आरंभ शनि शान्ति यज्ञ के साथ हुआ। शाम को शनि भगवान को छप्पन भोग लगाए गए। मंदिर के मीडिया प्रभारी रामस्वरूप मूंदड़ा ने बताया कि शनि उपासक महामंडलेश्वर दादू महाराज के सान्निध्य में शनिदेव को विभिन्न मंत्रों से आहुतियां प्रदान की गई। मण्डल पूजन, वास्तु पूजन, शमी पूजन करके नौ कुंडीय यज्ञ का शुभारंभ हुआ। शनि देव की प्रिय वस्तुएं काला तिल, काली उड़द, सरसों तेल, तिल-तेल, लौंग के साथ विभिन्न औषधियों को हवन सामग्री में मिलाकर शनि पीड़ा से राहत के लिए भक्तों द्वार आहुतियां प्रदान की गई।

कल निकलेगी पालकी यात्रा - इस अवसर पर पूर्व महापौर उमाशशि शर्मा, ललित पोरवाल, पंडित मीत कश्यप, पंडित सिद्धार्थ कश्यप, पं. सोनू ऋषि, भरत पारख, दीपक बाबा, देवकीनंदन तिवारी, आशीष साहू, संजय अग्रवाल, प्रताप तोलानी मौजूद थे। 30 मई शनि जयंती को जन्म आरती, पालकी यात्रा, कला सम्मान समारोह एवं पुस्तक विमोचन के कार्यक्रम होंगे।

Posted By: Hemraj Yadav

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