Indore News: इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। इंदौर के राऊ स्थित संस्था जीवन ज्योति बालिका गृह में रहने वाली बालिका की एक सप्ताह पहले अचानक मौत हो गई। मामले में संस्था में रहने वाली और पूर्व बालिकाओं ने अधीक्षिका पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जांच का आवेदन दिया है। बालिकाओं का कहना था कि संस्था में रहने वाली खुशी छह माह से बीमार थी, लेकिन उसका उचित उपचार नहीं कराया गया। उपचार में लापरवाही बरतने से उसकी मौत हो गई।

जीवन ज्योति बालिका गृह में रहने वाली खुशी की 14 जनवरी को मौत हो गई थी। मौत के दो दिन बाद 17 जनवरी को संस्था में खुशी के साथ रहने वाली जन्नत और पूर्व बालिका पूजा, रोशनी एवं गोविंद ने जिला कलेक्टर, बाल आयोग और महिला एवं बाल विकास विभाग को मामले में जांच का आवेदन दिया था। कोई कार्रवाई नहीं होने से बालिकाओं ने महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों और बाल कल्याण विभाग के सदस्यों से बुधवार को मुलाकात कर जांच की मांग की।

छह माह से थी बीमार

बालिका पूजा का कहना है कि खुशी छह माह से बीमार थी, उसे सांस की परेशानी थी, लेकिन अधीक्षिका ने उपचार नहीं कराया। खुशी जनवरी में 18 साल की हुई है, लेकिन पढ़ाई पूरी नहीं होने से वह संस्था में ही रह रही थी। नियम के अनुसार यदि बालिका की पढ़ाई चल रही है तो वह परीक्षा तक संस्था में रह सकती है। 18 साल पूरे होने के दस दिन बाद ही खुशी की मौत हुई है। ऐसे में उपचार में संस्था में लापरवाही बरती गई।

संस्था छोड़ चुकी थी बालिका

महिला एवं बाल विकास विभाग इंदौर के रामनिवास बुधौलिया का कहना है कि खुशी 2 जनवरी 2023 को 18 साल की हो चुकी थी। इसके बाद उसे संस्था से निमुक्त कर दिया गया। इसके बाद वह किसी एनजीओ में रह रही थी।आवेदन के आधार पर मेडिकल बोर्ड का गठन कर सलाह ली जाएगी कि खुशी का सही उपचार किया गया था या नहीं।

Posted By: Hemraj Yadav

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