इंदौर। 'संझा लोकस्वामी' के कर्ताधर्ता अमित सोनी और होटल माय होम के मैनेजर राव को पलासिया थाना पुलिस ने सोमवार को जिला कोर्ट में पेश किया। यहां दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने आरोपितों को 12 दिसंबर तक पुलिस रिमांड पर सौंप दिया। पलासिया थाना पुलिस ने अमित और राव के खिलाफ मानव तस्करी का प्रकरण दर्ज किया है। सोमवार दोपहर बाद रिमांड अवधि पूरी होने पर पुलिस ने दोनों को जज अब्दुल अहमद की कोर्ट में पेश किया। अभियोजन ने आरोपित को 16 दिसंबर तक पुलिस रिमांड पर सौंपने की मांग की। अमित की तरफ से एडवोकेट अजय बागडिया ने पैरवी करते हुए कहा कि आरोपित दो दिसंबर से पुलिस की हिरासत में है। पहले छह दिसंबर तक और फिर नौ दिसंबर तक पुलिस ने उसे रिमांड पर लिया। इतने दिनों में आरोपित से क्या पूछताछ की गई, यह कोर्ट को बताया जाना चाहिए।

माय होम होटल या उसकी संपत्ति से आरोपित सोनी का कोई लेना-देना नहीं है। इसलिए आरोपित को पुलिस रिमांड पर नहीं सौंपा जाए। पुलिस ने होटल से जिन 67 महिलाओं-युवतियों को बरामद किया था, उससे आरोपित का कोई वास्ता नहीं है। सरकारी वकील ने पुलिस रिमांड पर सौंपने का समर्थन करते हुए तर्क रखा कि आरोपित से माय होम की संपत्ति के बारे में पूछताछ की जाना बाकी है। होटल से बरामद महिलाओं-युवतियों के संबंध में जांच के लिए एक टीम कोलकोता गई है। इसके अलावा भी कई मुद्दे हैं, जिन पर जांच चल रही है। ऐसी स्थिति में आरोपित को रिमांड पर सौंपा जाना जरूरी है। कोर्ट ने दोनों पक्षों के तर्क सुनने के बाद अमित और राव को 12 दिसंबर तक पुलिस रिमांड पर सौंप दिया।

इस तरह चले कोर्ट में आरोप-प्रत्यारोप

शासन : आरोपित से पूछताछ होना बाकी है, उसे 16 दिसंबर तक पुलिस रिमांड पर सौंपा जाए।

आरोपित के वकील : हम इसका विरोध करते हैं, दो दिसंबर से अब तक पुलिस क्या करती रही।

शासन : माय होम होटल की संपत्ति से आरोपित के कनेक्शन के बारे में पूछताछ होना है।

आरोपित के वकील : माय होम होटल की संपत्ति से हमारा कुछ लेना-देना नहीं है।

शासन : होटल से बरामद 67 महिलाओं-युवतिोयं के संबंध में जांच के लिए टीम कोलकोता गई है। उस संबंध में भी पूछताछ होना है।

आरोपित के वकील : जब हमारा होटल से ही कोई लेना देना नहीं है तो फिर वहां से बरामद महिलाओं के बारे में जांच से हमारा क्या लेना-देना। पुलिस यह तो बताए कि महिलाएं गवाह हैं या आरोपित। उन्हें किस हैसियत से आश्रम में रखा गया है।

मेरे पिता की जान को खतरा है

पेशी के बाद लौटते हुए आरोपित अमित सोनी ने मीडिया से बात की। उसने आरोप लगाया कि यह मीडिया की आवाज दबाने की कोशिश हो रही है। हमने हनी ट्रैप की खबरें प्रकाशित की थीं। इसलिए कार्रवाई की जा रही है। मेरे पिता और अंकल की जान को खतरा है। थाने में पुलिस मुझसे दुर्व्यवहार कर रही है।

Posted By: Nai Dunia News Network