इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि,Indore news। कोरोनाकाल के बाद फिर से शुरू हुई बसों में सवारियों की कमी हैं। बसों में सिर्फ 30 प्रतिशत सवारी मिल रही हैं। अगर किराया नहीं बढ़ा तो एक दिसंबर से अपने आप बसें बंद हो जाएंगी। यह कहना है प्राइम रूट बस ऑनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष गोविंद शर्मा का।

शर्म ने बताया कि 18 सितंबर को मध्यप्रदेश किराया बोर्ड की बैठक में बसों का किराया बढ़ाने पर परिवहन अधिकारियों व मोटर मालिक एसोसिएशन के पदाधिकारियों के बीच आम सहमति हो गई थी। जिसके आधार पर परिवहन आयुक्त व अपर मुख्य सचिव (परिवहन) को नोट शीट बनाकर आदेश जारी करवाना चाहिए था, लेकिन 70 दिन बीत जाने के बावजूद अभी तक बसों का किराया नहीं बढ़ाया गया है। जिससे बस संचालक मुश्किल में आ गए हैं।

शर्मा ने कहा कि वर्तमान में डीजल, पेट्रोल के दामों में रोजाना बढ़ोत्तरी होती जा रही है। कोरोना संक्रमण के कारण सवारी भी 30 प्रतिशत रह गई है। मौजूदा समय में प्रदेश में जो बसें चल रही है वह निरंतर घाटे में है। यदि शासन ने 30 नवंबर तक किराये में बढ़ोत्तरी नहीं की तो संभव है कि निरंतर घाटे में चल रही यात्री बसों का संचालन एक दिसंबर से स्वत: बंद हो सकता है। अब निरंतर घाटे में कोई भी मोटर मालिक अपनी बसें नहीं चला पाएगा। पहले हमें लग रहा था कि उपचुनाव के बाद सरकार बसों का किराया बढ़ा देगी लेकिन अब तक कोई निर्णय नहीं हुआ है। इस बारे में एसोसिएशन का प्रतिनिधिमंडल जल्द ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात करेगा और किराया बढ़ाने तथा आगामी फरवरी माह तक का टैक्स शून्य की मांग करेगा।

Posted By: gajendra.nagar

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