इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि, Indore News। कोविड संक्रमण के मरीजों की संख्या कम होने के बाद एक बार फिर से शहर में देहदान की प्रक्रिया को गति मिली है। मंगलवार को 79 वर्षीय गोविंददास हुरकट की मृत्यु के उपरांत उनका पार्थिव शरीर इंडेक्स मेडिकल कालेज अस्पताल एंव रिसर्च सेंटर को सौंपा गया। कोराना काल में मेडिकल कालेज में किया गया यह दूसरा देहदान है। मृतक बुजुर्ग के पुत्र चिन्मय हुरकट ने मानव कल्याण के लिए यह सराहनीय कदम उठाया।

इंडेक्स कालेज के चेयरमैन सुरेश सिंह भदोरिया के मुताबिक गोविंददास का निधन तीन अगस्त को हो गया था। उनके बेटे चिन्मय ने अस्पताल के अधिकारियों से संपर्क कर पिता के पार्थिव शरीर का देहदान करने की इच्छा जताई। ऐसे में अस्पताल द्वारा देहदान की प्रक्रिया को पूर्ण करवाया गया। चिन्मय हुरकट के मुताबिक मृत्यु के बाद भी पिता की देह किसी के काम आ सके, यह हमारे पिताजी का सौभाग्य है। मेरी माताजी का निधन 2018 में हुआ था। उस समय उनका भी देहदान किया गया था। मैं सभी लोगों को आग्रह करता हूं कि मृत्यु के बाद लोगों को अंगदान के लिए आगे आना चाहिए।

इंडेक्स मेडिकल कालेज के देहदान अधिकारी राज गोयल ने बताया कि दुनिया से विदाई के बाद यदि आपका शरीर किसी के काम आए तो यह बड़ा पुण्य का काम है। देहदान को इसीलिए महादान कहा गया है। कोविड संक्रमण के दौरान देहदान नहीं हो पा रहे थे। अब संक्रमितों की संख्या कम होने के बाद देहदान हो रहा है। इस तरह देहदान के लिए लोगों द्वारा किए जा रहे प्रयास से समाज के लोगों में जागरुकता आएगी।

Posted By: gajendra.nagar

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