इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। रेसीडेंसी क्षेत्र में मंगलवार को स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट के जन्मदिन पर अवैध रूप से लगाए गए बैनर-फ्लैक्स हटाने के दौरान हुए विवाद के अगले दिन बुधवार को चार मंत्री समर्थकों के खिलाफ संयोगितागंज थाना पुलिस ने पांच धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। चारों पर आरोप है कि उन्होंने एफ-1 रेसीडेंसी एरिया ट्रैफिक पार्क के सामने लगे होर्डिंग हटाने को लेकर विवाद किया और फिर नगर निगम रिमूवल विभाग में कार्यरत कर्मचारी कुलकर्णी का भट्टा (परदेशीपुरा) निवासी 28 वर्षीय सचिन पिता चिरोंजीलाल से मारपीट और गालीगलौज की। कुछ आरोपित मंत्री सिलावट के रिश्तेदार हैं। आरोपितों के नाम राहुल सिलावट, चंदू सिलावट, कपिल कौशिक और विक्की खटिक हैं। उपायुक्त के साथ थाने पहुंचे फरियादी ने एफआईआर में बताया कि वह मंगलवार को रेसीडेंसी और छावनी क्षेत्र में अवैध रूप से लगाए गए होर्डिंग हटा रहा था। इस दौरान निगम उपायुक्त महेंद्रसिंह चौहान, सहायक यंत्री रजनीश पंचोलिया, प्रभारी सहायक रिमूवल अधिकारी वीरेंद्र उपाध्याय, अश्विन कल्याणे और रिमूवल दल-10 के सुपरवाइजर सन्नाी पांडे भी मौजूद थे।

ट्रैफिक पार्क के सामने होर्डिंग हटाने के दौरान राहुल, चंदू, कपिल और विक्की लाठी-डंडे लेकर आए और उसे रोकने लगे। उसने होर्डिंग हटाना बंद नहीं किया तो चारों ने लाठियों से मारा। इसमें उसे बाईं जांघ और अन्य हिस्सों में चोटें आईं। बाद में चारों ने गालीगलौज कर जान से मारने की धमकी दी।

उपायुक्त और अन्य अधिकारियों को भी दी गाली

एफआईआर में उल्लेख है कि आरोपितों ने सचिन के अलावा चौहान, कल्याणे और उपाध्याय को भी गालियां दी, शासकीय काम करने से रोका, साथ ही जान से मारने की धमकी दी। निगम की टीम ने पुलिस को साक्ष्य के रूप में फोटो-वीडियो भी उपलब्ध कराए।

महापौर और निगमायुक्त चाहते थे एफआईआर हो

निगम अफसरों और कर्मचारियों से विवाद करने वालों के खिलाफ महापौर मालिनी गौड़ और निगमायुक्त आशीष सिंह एफआईआर कराना चाहते थे। निगमायुक्त ने मंगलवार को ही कह दिया था कि घटना की जांच कराई जा रही है। किसी निगमकर्मी से मारपीट हुई है तो जिम्मेदारों के खिलाफ एफआईआर कराई जाएगी। सूत्रों ने बताया कि फरियादी को एफआईआर कराने के लिए नगर निगम अधिकारियों और पूरी टीम ने हिम्मत बंधाई।

Posted By: Nai Dunia News Network